पूंजीपथरा औद्योगिक पार्क के रायगढ़ इस्पात उद्योग संघ अब दिन प्रतिदिन नये नये झूठों का सहारा लेेकर सहानुभूति बटोरने के चक्कर में लगा हुआ है। ™️ जिंदल प्रबंधन का खुला आमंत्रण है कि औद्योगिक पार्क के व्यवसाई जब चाहे तब उनके साथ बैठकर चर्चा कर सकते है। ™️ मजदुरो के हितों को बर्दाश्त नही करेगा जिंदल ™️ उद्योग चालू रहे कि बंद रहे उनको उनका पूरा पारिश्रमिक देना होगा ™️
✒️ टिल्लू शर्मा टूटी कलम रायगढ़……….. पूंजीपथरा औद्योगिक पार्क में स्थित पांच उद्योगों के द्वारा राज्य विद्युत नियामक आयोग में अपनी समस्या को रखा था जिस पर आयोग के आदेश के तहत इन पांच उद्योगों के प्रतिनिधि एवं जिंदल प्रबंधन के बीच दो बार सौहाद्रपूर्ण वातावरण में चर्चा हो चुकी है और शीघ्र ही दोनों पक्ष किसी सकारात्मक निर्णय पर पहुंच जायेगें। टूटी कलम
जहां तक रायगढ़ इस्पात उद्योग संघ के शेष उद्योगपतियों का सवाल है उन्हे भी या उनके प्रतिनिधियों को जिंदल प्रबंधन दो बार चर्चा हेतु आंम़ित्रत कर चुका है लेकिन उन्हे जिंदल के आंमत्रण पर चर्चा करना गंवारा नही है। आज इन उद्योगपतियों द्वारा यह बोला जा रहा है कि उनके संयंत्र मात्र 10 से 15 प्रतिशत लोड पर ही चल रहें हैं जबकि वास्तविकता यह है कि वर्तमान में इन उद्योंगों को लगभग 30 प्रतिशत विद्युत प्रदाय की जा रही है। यहां यह बताना लाजमीं है कि जब जिंदल में पूर्ण क्षमता के साथ विद्युत उत्पादन हो रहा था तब पूंजीपथरा औद्योगिक पार्क में लगभग 180 मेगावाट विद्युत प्रदाय की जाती थी जो कि वर्तमान में कोयले की उपलब्धता में कमी होने के कारण विद्युत उत्पादन में भी काफी गिरावट आयी है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि जब जिंदल द्वारा पूंजीपथरा औद्योगिक पार्क में पूर्ण क्षमता के साथ विद्युत प्रदाय की जा रही थी और इन उद्योगो में भी पूर्ण क्षमता के साथ उत्पादन हो रहा था। तब इन उद्योगपतियों द्वारा बाजार में बढ़े हुये अनाप शनाप दाम पर अपना उत्पाद विक्रय किया गया था जो कि उत्पादन की लागत से बहुत ज्यादा था। टूटी कलम
जिंदल प्रबंधन एक बार पुनः रायगढ़ इस्पात उद्योग को आमंत्रित करता है कि वे आयें और एक साथ बैठ कर वर्तमान में बनी विषम स्थिति के हिसाब से चर्चा करें ताकि कुछ सकारात्मक परिणाम निकल सके जो कि दोनों पक्षों के लिये लाभकारी हो। टूटी कलम







