छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के द्वारा की गई कायराना हरकत आज भी लोगो के दिलो दिमाग मे बसी हुई है। 25 मई प्रदेश के लिए वह काला दिन है जो कभी भुलाया नही जा सकता। इस तारीख को लोगो ने सर्वमान्य ,लोकप्रिय नेताओ को खोया था। स्व.विद्याचरण शुक्ल, स्व.नंदकुमार पटेल,महेंद्र कर्मा आदि केवल कांग्रेस के ही नही जन जन के नेता थे। इन लोगो की मिलनसारिता के लोग कायल एवं मुरीद थे। ये लोग विपक्षियों से भी इस तरह से मिलते थे। जैसे अपनी पार्टी के लोगो से मिलते थे।स्व. विद्याचरण शुक्ल किसी समय केंद्र में सूचना एवं प्रसारण मंत्री हुआ करते थे। वे छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हुआ करते थे। उनके समर्थकों की लंबी चौड़ी फ़ौज पूरे छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त मध्यप्रदेश में भी थी। स्व. नंदकुमार पटेल यदि शहीद ना होते तो शायद भाजपा 15 साल शासन न कर पाती एवँ नंदू भैया प्रदेश के मुख्यमंत्री होते। स्व.महेंद्र कर्मा को बस्तर टाईगर कहा जाता था। वे सचमुच ही टाइगर थे.
⭕️ टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ …….खरसिया के सिविल हॉस्पिटल में 25 मई को नंदकुमार पटेल व दिनेश पटेल के शहादत दिवस पर विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमे उच्चशिक्षा मंत्री उमेश पटेल, सीएमएचओ एस एन केशरी, खरसिया एसडीएम अभिषेक गुप्ता, बीएमओ अभिषेक पटेल, तहसीलदार हितेश साहू, बीपीएम सूरज पटेल सहित नगर व ग्रामीण कांग्रेस के कार्यकर्ताओं तथा जेएसडब्ल्यू प्लांट के वर्कर, एनसीसी के युवक युवतियों सहित 60 लोगों ने रक्तदान कर शहीद नंदकुमार पटेल का स्मरण किया दिया।
शहीद स्मारक स्थल में मंत्री उमेश पटेल ने अपने पिता शहीद नंदकुमार पटेल की प्रतिमा में माल्यार्पण कर पुष्पांजली अर्पित की। वहीं कहा कि खरसिया अस्पताल की समस्याओं को दूर कर अब इसे सर्व सुविधा युक्त बनाया जा रहा है। पहले डॉक्टरों का अभाव दूर किया गया फिर उपकरणों को पूर्ण किया गया। ऑक्सीजन प्लांट और ब्लड बैंक की स्थापना की गई। अब हमारी प्राथमिकता यही होगी कि यहां पर स्वयं का वाहन भी हो। वहीं बताया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ अतिशीघ्र ही अपनी सेवाएं अस्पताल में देंगे
छत्तीसगढ़ के इतिहास में 25 मई का दिन काला दिवस के रूप में याद किया जाता है। 9 साल पहले 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर झीरम घाटी में नक्सलियों ने एम्बुश लगाकर ताबड़तोड़ हमला किया था। नक्सलियों द्वारा किये गए हमले में प्रदेश की पहली पंक्ति के कई कांग्रेसी नेताओं समेत 31 लोग शहीद हो गए थे। नक्सलियों के हमले में शहीद होने वालों में कांग्रेस के विद्याचरण शुक्ल, नंदकुमार पटेल दिनेश पटेल और महेंद्र कर्मा जैसे कद्दावर लोग शामिल थे। प्रति वर्ष कांग्रेस परिवार के द्वारा शहीद नेता नंदकुमार पटेल व दिनेश पटेल की याद में ब्लड डोनेट केम्प करवाया जाता है। आज हुए ब्लड डोनेट कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभाने वालो में सिविल हॉस्पिटल खरसिया के प्रभारी, जीवन दीप समिति के संदस्य मेडिकल कालेज रायगढ़ और चपले हॉस्पिटल के स्टॉफ द्वारा कड़ी मेहनत कर योगदान दिया। टूटी कलम
