सारंगढ़ के जिला के रूप में अस्तित्व में आने से पहले रायगढ़ खनिज विभाग के अधिकारी गौण खनिजो से भरपूर मलाई निकाल कर खाने को लालायित नजर आ रहे हैं, क्योंकि सारंगढ़ के जिला के रूप में अस्तित्व में आ जाने के पश्चात रायगढ़ का खनिज विभाग केवल लालईंटों से होने वाली कमाई पर ही निर्भर रह जाएगा। शायद यही सोच की वजह से खनिज विभाग के अधिकारी अल सुबह उठकर मंजन मुखारी कर गुडेली,टीमरलगा,कटंगपाली साल्हेओना आदि मलाईदार क्षेत्रों का दौरा कर कुछ गाड़ियों पर कार्रवाई की जाना बतलाकर बाकियों को क्लीन चिट देकर आ जाते हैं और अपना पूरा मेहनताना भी वसूल कर दोपहर होने से पहले अपने कार्यालय में उपस्थित हो जाते हैं। जिसके बाद शाम को एक बार पुनः अवसर की तलाश में शिकार की खोज में निकल पड़ते हैं। इनके द्वारा जो भी कार्रवाई की जाती है उनका पंचनामा ,फोटो, वीडियो रिकॉर्डिंग, आदि अपने मासिक रूप से बंधे बंधाए, चहेते,मुखबीर, मीडिया वालों, को भेज कर वाहवाही बंटोरने की सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास किया जाता है। ज्ञात रहेगी आज तक खनिज विभाग ने जितने भी ट्रैक्टर, ट्रेलर, डंपर, हाईवा, जेसीबी,आदि वाहन जप्त किए हैं । उनको उनके मालिकों को मौके पर ही सुपुर्द नामे में किस वजह से दे दिए जाते हैं। इस बात को सुधि पाठक स्वयं समझ सकते हैं। आज तक अवैध क्वार्ट्ज पत्थर,चूना पत्थर, रेत, गिट्टी, मुरूम, कोयला आदि खनिज पदार्थों से ओवरलोड किसी भी वाहन पर राजसात की कार्रवाई नहीं किया जाना पूरे छत्तीसगढ़ में एक अनोखा कीर्तिमान हो सकता है।
🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ अवैध मरुम खनन करने के आरोप में खनिज विभाग ने 8ट्रैक्टर और 2 जेसीबी को जब्त किया है जिसे चक्रधर नगर थाने के सुपुर्द किया गया माइनिंग विभाग को जोगीतराई गांव मे् अवैध मरुम खोदे जाने की शिकायत मिली थी जिस पर माइनिंग इंस्पेक्टर उमेश भागर्व व राकेश वर्मा ने कल 1 अगस्त सोमवार की शाम 5 बजे छापा मार कार्यवाही की तो 8 ट्रेक्टर व 2 जेसीबी को खनन करते पाया जिस पर खनिज अधिनियम 21/5 के तहत कार्यवाही करते हुये जप्त कर लिया खनिज विभाग के मुताबिक आठों ट्रेक्टर भरी हुयी थी जिसमें 24 क्यूबिक मिटर मरुम लोड़ थी इन सभी वाहनों को फिलहाल चक्रधर नगर पुलिस को हेंड ओवर किया गया हैं जप्त जेसीबी नईम अंसारी व तुलसी साहु की बतायी जाती हैं जिन पर अवैध खनन के मामले में पहले भी कई बार कार्यवाही की जा चुकी हैं कुछ दिन पहले ही इनके व्दारा लाखों की मुरुम की पटायी सावित्री नगर में भी की गयी थी जिस पर माइनिंग अधिकारी चुपी साधे बैठे हुये हैं बताया जाता हैं की शिकायत होने पर माइनिंग वाले इसी प्रकार की छोटी मोटी कार्यवाही कर मामले को रफादफा कर देते हैं संबधित वाहनो व जेसीबी को बार बार पकडे़ जाने के बाद भी आज तक राजसात नहीं किया गया सख्त कार्यवाही के नाम पर महज चार पांच हजार का जुर्माना कर वाहनो को छोड़ दिया जाता है इस बार इन खनिज माफियाओं व्दारा कोडा़तराई में एक राईस मिल की जमीन पाटी जा रही थी परंतु इंस्पेक्टरों ने राइस मील की जा़ंच तक करने की जरुरत नहीं समझी इस तरह की आधी अधूरी कार्यवाही की वजह से ही खनिज माफियाओं के हौसले बेहद बुंलद हैं.






