🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ ……रायगढ़ शहर में होटल अतिथि,गर्ल्स कालेज मोड़ पर रफ्तार पकड़ रही है लजीज व्यंजनों का रेस्टोरेंट। जहां आपको हर हमेशा ताजे एवम शुद्ध भोज्य पदार्थ उपलब्ध मिलेंगे .शायद ही किसी ने सोचा होगा कि कोदो, कुटकी,मिलेट्स के द्वारा अनेकों तरह के लजीज नाश्ता एवं भोजन बनाकर व्यवसाय भी किया जा सकता है। आम बोलचाल की भाषा में मिलेटस का मतलब कई तरह के अनाजों को कूटकर,पीसकर, छानकर व्यंजन बनाना होता है । इस तरह की सोच रायगढ़ जिले के पूर्व कलेक्टर भीम सिंह के दिमाग में बैठी और उन्होंने छत्तीसगढ़ में ही उपजने वाले कोदो ,कुटकी ,रागी, मिलेट्स से छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को बनाने के लिए महिला समूहो को पूरी प्राथमिकता देकर अनुपयोगी समझे जाने वाले खाद्यान्नों से अनेकों तरह के व्यंजन जिसमें मिठाई, बेकरी के आइटम केक,जलेबी,खोवा, हलवा, चीला,डोसा, इडली,बड़ा,समोसा, भजिया, चीला ,मठरी ,बर्फी,मोमोज,चाउमिन, पकोड़े आदि सैकड़ों बनवा कर लोगों के स्वाद तक पहुंचाना चाहा है ।ताकि छत्तीसगढ़ के वासी भी अपने परंपरागत खाद्य पदार्थों की पहचान देश विदेश में सुनकर अपने आप को छत्तीसगढ़िया कहलाने में स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर सके कलेक्टर भीम सिंह का प्रयास रहा कि प्रदेश का सबसे पहला मिलेट्स कैफे रायगढ़ में शुरू हो सके। उनका यह प्रयास सफल रहा। मिलेट्स कैफे शुरु करवाया गया। शुरुआती दिनों में इस होटल के अंदर संचालक एवं स्टॉफ नींद में एवं उबासी आने से देखे जा सकते थे। मगर आज यह अपने बढ़ते व्यवसाय के कारण ये संतुष्ट नजर आ रहे हैं। इन्होंने बतलाया कि इनके होटल में बनने वाले खाद्य सामग्री को खाने से ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्राल, आदि कंट्रोल में रहते हैं एवं लोग बड़े ही चाव से खाते हैं। आज मिलेट्स कैफे में बनने वाले खाद्य सामग्री बड़े-बड़े अधिकारियों एवं धनाढ्य वर्गों में लोकप्रिय होते जा रहे है। इसका प्रमुख कारण यह कि यहां के खाद्य सामग्रीयो में किसी भी किसकी मिलावट पाई जानी असंभव है क्योंकि यह छत्तीसगढ़ शासन का एक उपक्रम है। फूलों कलेक्टर भी मशीनें महिला सभा समूहों बढ़ावा देने के लिए काफी ज्यादा कार्य किए है। मिलेट्स कैफे की संचालिका श्रीमती रोहिणी पटनायक ने बतलाया कि इस कार्य की वजह से 30 परिवारों को रोजगार काम मिला हुआ है। श्रीमती पटनायक ने यह भी बतलाया की कलेक्टर भीम सिंह की मंशा है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इस तरह के स्वदेशी खाद्य सामग्रीयो की होटल खोली जानी चाहिए। जिसके लिए उनके पास होटल खोलने का आमंत्रण उनके पास आया हुआ है। रायगढ़ में इस तरह की होटल के सफलता मिलने के पश्चात यह माना जा रहा है कि छत्तीसगढ प्रदेश के सभी मुख्य शहरों में मिलेटस कैफे की शुरुआत की जा सकती है। जिस वजह से महिलाओं को रोजगार मिलेगा एवं प्रदेश के कृषि से उपजाऊ अन्न के प्रति भी लोगों का आकर्षण बढ़ेगा । कोदो,कुटकी,रागी आदि से बने खाद्य पदार्थों से स्वाद भी मिलेगा और स्वास्थ भी बेहतर रहेगा।
