🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ …..रायगढ़ शहर के कोतरारोड ओवरब्रिज के पास गुरुवार सुबह लाल सिग्नल पर खड़ी मालगाड़ी को पीछे से एक इंजन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि खड़ी मालगा़ड़ी के चार डब्बे पटरी से उतर गए। टक्कर से में दो ड्राइवर (लोको पायलट) घायल हो गए। दूसरी तरफ रेलवे के अधिकारी इस हादसे के बारे में बात करने से भी बच रहे है।विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ओपी दास लोको पायलट डीबी कॉर्प से मालगाड़ी लेकर जेएसपीएल साइडिंग आया था। जेएसपीएल की न्यू साइडिंग से लोको पायलट इंजन लेकर निकला। ड्राइवर इंजन में दूसरे रैक जोड़ने से पहले उसे मोड़ने के लिए रायगढ़ की ओर आया। पायलट को घटना स्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर पूर्व ही गाड़ी को मोड़कर वापस जेएसपीएल जाना था। लेकिन वापस जेएसपीएल साइडिंग जाने की बजाए वह सीधे रायगढ़ की ओर इंजन लेकर आया और होम सिग्नल पर खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। खड़ी मालगाड़ी को डाउनलाइन पर लेकर लोको पायलट रामावतार और अमूल कुमार अपनी सीट पर बैठे हुए थे। अचानक हुई टक्कर के कारण रामावतार मौके पर ही बेहोश हो गए। जबरदस्त टक्कर से उनके सिर और छाती में चोंट आने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरे इंजन के पायलट ओपी दास को भी चोंट लगने की बात सामने रही है। उनका प्राइवेट अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। इस घटना के बाद से रेलवे के कर्मचारी तीसरी लाइन को दुरुस्त करने में लगे हुए है फिलहाल अभी तक घटना के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। दुर्घटना की जांच के लिए रेलवे ने अफसरों की टीम गठित कर दी गई है। फिलहाल रेलवे के अफसर किसी भी तरह की बयानबाजी से बच रहे है। ज्ञात रहे कि बिलासपुर डिवीजन में कुछ महीनों से लगातार मालगाड़ियो के बेपटरी होने की घटनाओं में वृद्धि हुई है।
ओ पी दास वरिष्ठ लोको पॉयलट हैं। उनके रिटायरमेंट के कुछ साल ही बाकी है। उनमें अनुभव की कमी होना नही कहा जा सकता । वरिष्ठ ड्राइवरों का मत है कि शंटिंग के दौरान ब्रेक फेल होने के कारण घटना हुई होगी। क्योंकि पटरी बदलने की जगह दुर्घटना स्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। ढलान होने के कारण इंजन की स्पीड बढ़ी होगी और वह आकर सीधे मालगाड़ी से टकरा गई होगी। बहरहाल जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।
कुछ महीनों में कई बड़ी दुर्घटनाएं सामने आ चुकी है। किसान स्पेशल ट्रेन पहले बेपटरी हुई। जामगांव में मालगाड़ी बेपटरी हुई,फिर ब्रजराजनगर में दो मालगाड़ियों में भिड़ंत हुई। इसी तरह पूरे बिलासपुर डिवीजन में दर्जनभर से अधिक मालगाड़ी के बेपटरी होने की खबरें आ चुकी है। रेलवे मालगाड़ियों से गाढ़ी कमाई करने के चक्कर में मदमस्त हुआ जा रहा है । मगर देखरेख पर ध्यान नहीं दे रहा है। बिलासपुर से झारसुगुड़ा तक बनने वाली तीसरी लाइन का कार्य 05 वर्षो में आधा भी नही हो सका है।





