🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा के तयशुदा कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास घेरों के आह्वान पर रायगढ़ जिला के सैकड़ों भाजयुमो कार्यकर्ता रायपुर कूच किए। लोग अपने अपने साधनों, बसों, निजी वाहनों एवं ट्रेनों के जरिए रायपुर पहुंच कर एकत्रित हुए। जहां प्रदेशभर से आए हुए भाजपा कार्यकर्ता इकट्ठे हुए थे। जिसके बाद वरिष्ठ नेताओं के भाषण समाप्ति के पश्चात कार्यकर्ता मुख्यमंत्री का आवास घेरने निकल पड़े। जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर डटी छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों के द्वारा रोका गया एवं गिरफ्तार किया गया। राजधानी रायपुर के प्रत्येक चौक चौराहों पर पुलिस की तगड़ी व्यवस्था थी। वही मुख्यमंत्री आवास के पहले बेरिकेटिंग कर चारों ओर पुलिस के जवान मोर्चा संभाले हुए थे। लगभग छावनी के रूप में मुख्यमंत्री आवास के आसपास का इलाका तब्दील कर दिया गया था।
रायगढ़ से गए भाजपा कार्यकर्ताओं की वजह से कुछ भीड़ बढ़ पाई अन्यथा भाजपा के नेताओं को शर्म का सामना करना पड़ सकता था। प्रदेश भाजपा का यह अनुमान था कि मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में लगभग 1 लाख कार्यकर्ता जुटेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार किसी भी रूप में 10000 से ऊपर लोगों की उपस्थिति नहीं रही। पूर्व से आंदोलनरत कर्मचारियों का आभार भाजपा के द्वारा व्यस्त किया जाना चाहिए क्योंकि वे भी भाजयुमो के कार्यक्रम में शामिल होकर भीड़ बढ़ाने में मददगार साबित हुए। रायगढ़ जिला भाजपा के जाने पहचाने बैरिकेड लांघने वालो के रूप में चर्चित युवाओं के द्वारा राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री आवास के पास पुलिस के द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़कर मुख्यमंत्री आवास के बाहर तक जा पहुंचे थे। जिन्हें रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए केंद्रीय जेल भेजा गया। इस तरह से गिरफ्तार कर खानापूर्ति के लिए जेल भेजा जाना भी एक धरना प्रदर्शन का अंतिम दृश्य होता है।
महात्मा गांधी की तरह धरना प्रदर्शन करने हेतु सड़क पर कहीं भी बैठ जाना पूर्व कलेक्टर ओम प्रकाश चौधरी की पहचान बन चुकी है। उन्होंने रायपुर जाकर भी इसी तरह का सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया गया। बाद में ओपी चौधरी के समर्थकों को भी रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए खानापूर्ति की कार्रवाई की। जिस हिसाब से प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता एकत्रित हुए थे । उस हिसाब से भाजपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति आश्चर्यजनक रूप से कम रही । जिसका क्या कारण है ? इस पर भाजपा को मंथन करने की जरूरत है। प्रदेशभर से जुटे इतने कम समर्थकों,कार्यकर्ताओं के सहारे प्रदेश की कांगेस सरकार से लड़ना भाजपा के लिए कठिन डगर साबित होगी।
प्रदेश में भूपेश बघेल का जादू लोगों के सर चढ़कर बोल रहा है….. जिस तरह से केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से मतदाता एवं आम जनता प्रवाहित है उसी तरह छत्तीसगढ़ प्रदेश में लोग भूपेश बघेल की कार्यशैली से अत्यंत प्रभावित हैं. भूपेश बघेल के द्वारा गरीब जनता के लिए ग्रामीण जनता के लिए तरह-तरह के उपाय एवं घोषणाएं कर उनका रहन-सहन जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं .चाहे वह गोबर खरीदी हो ,चाहे वह गोमूत्र खरीदी हो, चाहे वह वर्मी कंपोस्ट हो ,चाहे वह धान का समर्थन मूल्य क्यों ना हो. नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी की योजनाओं का असर भले ही शहरी क्षेत्रों में ना हो परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में यह लोगों के लिए आय का सहारा बना हुआ है।
गलत समय में निर्धारित किया गया धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम…. व्यक्ति को समय, काल, परिस्थिति के अनुसार कार्य करना चाहिए तभी उसमें सफलता मिलनी निश्चित होती है। प्रदेश भाजपा संगठन के द्वारा मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम गलत समय में किया गया। क्योंकि इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों के लोग खेती किसानी के कार्य में लगे हुए हैं. जिससे उनका एवं परिवार का पालन पोषण होता है. दूसरा यह कि बरसात के समय में कोई भी व्यक्ति पानी में भीग कर अपनी तबीयत खराब करना नहीं चाहता है. छत्तीसगढ़ प्रदेश के मौसम विभाग के द्वारा भी 3 दिनों की लगातार बारिश होने की चेतावनी दी गई है जिस वजह से भी लोग सशंकित होकर रायपुर जाने में उत्साह नहीं दिखलाए। भारत की आत्मा गांवों में बसती है एवं ग्रामीणों के द्वारा धरना प्रदर्शन में शामिल न होना भाजपा के लिए खतरे की घंटी है।