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🔱 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम 🎤 न्यूज़ रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹 हत्यारा लोकनाथ पटेल अपने परिवार से प्यार एवं इज्जत की वजह से मृतका से शादी करने से इनकार करता रहा किंतु पढ़ी-लिखी अधिवक्ता मृतिका आराधना सिदार के सर पर प्यार का भूत चढ़ा हुआ था। जिस वजह से वह लोकनाथ से ही शादी करना चाह रही थी। जबकि कानून के अनुसार किसी भी शादीशुदा को तलाक से पहले फिर से शादी करने का अधिकार नहीं होता है। अपनी मौत से बेखबर आराधना हत्यारे लोकनाथ के साथ बेफिक्र होकर घूमती रही और हत्यारे ने सोची समझी साजिश के तहत मौका निकाल कर आराधना को बहुत निर्दयता के साथ मौत के घाट उतार दिया
रायगढ़ पूंजीपथरा के सुनसान कटेल टिकरा जंगल में बीते 12 मई को एक 25–30 साल की युवती की क्षत-विक्षत लाश मिली थी, उसके अंधे कत्ल की खौफनाक गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। रायगढ़ पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मृतका के शादीशुदा प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खुलासे ने सबको चौंका कर रख दिया है। फेसबुक की एक आम सी दोस्ती से शुरू हुआ यह रिश्ता पहले प्यार में बदला, फिर धोखे की दलदल में फंसा और अंततः एक रूह कंपा देने क्राइम पेट्रोल दस्तक पर दिखाई जाने वाली सरीखी साजिश में तब्दील हो गया। आरोपी ने न सिर्फ अपनी प्रेमिका को बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतारा, बल्कि हत्या के बाद पुलिस और परिजनों की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसी के मोबाइल से मैसेज भेजकर एक बेहद खौफनाक साजिश रच डाली थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि सक्ति जिले के चारपारा गांव का रहने वाला दसवीं पास लोकनाथ पटेल पिता रामप्रसाद पटेल (30 वर्ष) इस वारदात का मुख्य आरोपी है। कुछ समय पहले फेसबुक के जरिए उसकी अराधना सिदार से दोस्ती हुई थी, जो जल्द ही प्रेम प्रसंग में बदल गई। आरोपी पहले से शादीशुदा था, लेकिन उसने यह बात अराधना से छिपा कर रखी। इस झूठ की बुनियाद तब दरक गई, जब एक दिन आरोपी की पत्नी ने अपने फेसबुक पर डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) बदली और वह तस्वीर आराधना ने देख ली। सच सामने आने के बाद दोनों के बीच भारी विवाद शुरू हो गया। आराधना लगातार आरोपी पर शादी का दबाव बनाने लगी, जो लोकनाथ के लिए गले की फांस बन गया।लगातार पड़ रहे दबाव के बाद लोकनाथ ने तय किया कि अगर अराधना नहीं मानी, तो वह उसे रास्ते से हटा देगा। इसी खौफनाक इरादे के साथ आरोपी ने पुलिस को दिए अपने बयान में पूरी वारदात की खौफनाक टाइमलाइन बताई है। 9 मई 2026 की रात उसने आराधना से फोन पर बात कर अगले दिन मिलने का समय तय किया। 10 मई की सुबह वह अपनी एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल से पंजरी प्लांट पहुंचा, जहां अराधना अपनी बुआ की लड़की के साथ सड़क पर खड़ी थी। लोकनाथ ने दोनों को अपनी बाइक पर बिठाया और केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड पहुंचकर बुआ की लड़की को बस में बैठाकर विदा कर दिया।
इसके बाद वह अराधना को लेकर गेरवानी, राबो और आमापाली होते हुए खरसिया से सक्ति निकल गया। दमाउधारा मंदिर घूमने के बाद शाम साढ़े चार बजे वे वापस सक्ति आए। उन्होंने गुप्ता लॉज में कमरा लिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने रजिस्टर में अपना नाम बदलकर ‘श्रीमती प्रतिमा पत्नी’ के नाम से फर्जी एंट्री कराई। इसके बाद उसने बाजार से पीले हत्थे वाला सब्जी काटने का चाकू खरीदा और अपने पास रख लिया। रात में लॉज में दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने और शादी को लेकर फिर से तीखा विवाद हुआ।
अगली सुबह, 11 मई को तड़के 5:30 बजे लोकनाथ आराधना को लेकर लॉज से निकला। खरसिया, आमापाली, राबो, डोकरबुढ़ा और छर्राटांगर होते हुए सुबह करीब 7:30 बजे वे तुमीडीह के जंगल पहुंचे। जब अराधना ने कहा कि यहां तो कोई रास्ता नहीं है, तो लोकनाथ ने ‘मुझे प्यार करना है’ का झांसा दिया और उसे जंगल के अंदर ले गया। वहां सामने से गले लगाने के बाद उसने अचानक पीछे जाकर आराधना का गला 3 से 4 मिनट तक जोर से दबाए रखा, जिससे वह बेसुध होकर जमीन पर गिर गई। इसके बाद आरोपी पर हैवानियत सवार हो गई। उसने वहां पड़े एक भारी पत्थर से आराधना की कनपटी पर पूरी ताकत से 4-5 बार वार किया। फिर उसके जबड़े, मुंह और नाक को भी बुरी तरह कुचल दिया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, उसने आराधना को पीठ के बल लेटाकर उसके गले के आगे और पीछे उसी पीले हत्थे वाले चाकू से वार किया। वार इतना वीभत्स था कि चाकू उसकी गर्दन में ही फंस गया, जिसे उसने वहीं छोड़ दिया।
हत्या के बाद पहचान मिटाने के इरादे से आरोपी ने मृतका के कपड़े (कुर्ती, सलवार, अंडरगारमेंट्स और दुपट्टा) निकालकर वहीं फेंक दिए। शव को भारी पत्थरों से दबा दिया और उसके सैंडल को पगडंडी रास्ते में फेंक दिया। इसके बाद वह उसी रास्ते से लौटकर राबो डेम पहुंचा, जहां उसने अपने हाथ-पैर में लगा खून धोया और खरसिया होते हुए अपने गांव चारपारा भाग गया। आरोपी इतना शातिर था कि उसे आराधना के फोन और फोन-पे का पासवर्ड पता था। हत्या के बाद किसी को शक न हो, इसलिए उसने आराधना के फोन से लड़की की आवाज निकालकर उसकी बहन और सहेलियों से बातचीत की, ताकि घर वालों को लगे कि लड़की सुरक्षित है और कोई पुलिस के पास न जाए। इसी बीच उसने मृतका के एटीएम से पैसे भी निकाले।
12 मई को जब यह क्षत-विक्षत लाश मिली, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतका की शिनाख्त रायगढ़ कोर्ट की जूनियर वकील के रूप में होने के बाद आक्रोशित अधिवक्ताओं ने काम बंद कर पुलिस पर भारी दबाव बनाया। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए पूंजीपथरा थाना प्रभारी रामकिंकर यादव और साइबर सेल की टीम ने दिन-रात एक कर दिया। तफ्तीश के दौरान पुलिस के हाथ एक अहम सीसीटीवी फुटेज लगा, जिसमें एक संदिग्ध बाइक (CG 11 LU 7568) नजर आई। बाइक के नंबर और मोबाइल के टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर आरोपी की लोकेशन सक्ति जिले में ट्रेस हुई।
इसके बाद पुलिस की एक टीम ने रात में दबिश देकर लोकनाथ को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान पहले तो इस शातिर कातिल ने पुलिस को खूब गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने पुख्ता सबूत सामने रखे, तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गांव में रहकर खेती-किसानी करने वाले आरोपी लोकनाथ पटेल का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। उसके खिलाफ पूर्व में भी दुष्कर्म (धारा 376) का मामला दर्ज है। पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई से न्याय की राह देख रहे परिजनों और अधिवक्ता संघ को बड़ी राहत मिली है। बहरहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।