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नेतनागर डबल मर्डर का खुलासा, मां और बच्चे का कातिल रायगढ़ पुलिस की गिरफ्त में
एसएसपी सदानंद कुमार द्वारा सीएसपी अभिनव और डीएसपी अमन के नेतृत्व में गठित की स्पेशल टीम
रायगढ़ पुलिस के द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा गया शातिर डबल मर्डर का आरोपी गिरफ्तार और अहम सबूत बरामद…
कातिल महिला का दूसरा पति निकला
🎤 टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ बिलासपुर-झारसुगुड़ा नेशनल हाईवे 49 पर 27 नवंबर की सुबह ग्राम नेतनागर में पैरावट में अधजले महिला व बच्चों का शव बरामद होने की सूचना पर एसएसपी सदानंद कुमार, सीएसपी अभिनव उपाध्याय, थाना प्रभारी जूटमिल, साइबर सेल एवं फॉरेंसिक की टीम पहुंचकर शव, घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से पूछताछ कर तत्काल जांच में जुट गई । घटनास्थल और शव के निरीक्षण पर प्रारंभिक दृष्टिया मामला हत्या कर साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को पैरावट में जलाए जाने का प्रतीत हुआ । जघन्य हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी सदानंद कुमार द्वारा तत्काल नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में 3 अलग-अलग टीमें अज्ञात आरोपी की पतासाजी में लगाई थी। इन टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी. जिसमें एक टीम घटनास्थल से लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगाई गई थी. साइबर की टीम मोबाइल टावर के टेक्निकल एनालिसिस में लग गई थी. वहीं प्रशिक्षु डीएसपी अमन और थाना प्रभारी जूटमिल के नेतृत्व में एक टीम ह्यूमन इंट के जरिये आरोपी का पता लगा रही थी. जिसमें जानकारी मिली की घटना दिनांक को ग्रामीणों ने एक सफेद रंग की कार की आवाजाही घटनास्थल के आसपास देखा था। पुलिस के पास अब तक एक सफेद रंग की कार प्रथम संदेह उत्पन्न कर रहा था. जिसकी जांच में सीएसपी अभिनव एवं डीएसपी अमन लखीसरानी की टीम नेशनल हाईवे और नेतनागर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक कर रही थी. जल्द ही पुलिस को संदिग्ध सफेद कलर की महिंद्रा एक्सयूवी कार टोल प्लाजा मार्ग पर लगे सीसीटीवी और बेरियर में दिखाई थी । एक्सयूवी कार का आरटीओ से जानकारी प्राप्त कर उसके ऑनर का पता लगाया गया कार विभा गुप्ता पति सूरज गुप्ता का पता पुलिस टीम को चला. कार का उपयोग सूरज गुप्ता कर रह रहा है. एक्सयूवी कार को अकलतरा से आगे बढ़ते बिलासपुर की ओर देखा गया जो बिलासपुर शहर से कहीं और नहीं दिखी. जिसके बाद सीएसपी अभिनव के नेतृत्व में पुलिस टीम बिलासपुर पहुंचकर संदेही सूरज गुप्ता की पतासाजी में जुट गई। बिलासपुर शहर के सीसीटीवी चेक करते हुए टीम शांतिनगर बिलासपुर पहुंची. जहां सूरज गुप्ता एक किराए मकान लेकर एक महिला और बच्चे के साथ रह रहा था.एक्सयूवी कार पोर्च में खड़ी मिली. उस समय घर पर कोई नहीं था । मकान मालिक से पूछताछ में जानकारी प्राप्त हुई कि सूरज गुप्ता और उसके साथ रहने वाली महिला निधि औसरिया और उसका 5 साल का बेटा पार्थ रह रहे है.जो 2-3 दिनों से नजर नहीं आ रहे हैं. जिससे पुलिस का शक बढ़ गया। पुलिस टीम सूरज के साथ रहने वाली निधि औसरिया का फेसबुक अकाउंट चेक किया गया निधि के फोटोग्राफ्स में दाहिने कान में (सोने का आभूषण) पहनी हुई थी. जिसे जले शव वाली महिला के कान पर भी इस तरह का आभूषण देखा गया था. जिससे पुलिस का संदेह और बढ़ गया कि जली हुई महिला निधि औसरिया उसका बच्चा पार्थ हो सकते हैं। वही साइबर टीम की मदद से निधि के मोबाइल नंबर जांच में रखा गया. जिसकी मृत्यु के पश्चात भी संभावित आरोपी द्वारा उसके व्हाट्सएप के संचालन की जानकारी मिली.थी पुलिस की टीम को निधि के मोबाइल नंबर के एनालिसिस पर पता चला कि मोबाइल पर और नंबर एक्टिव थे. जिसे जांच करते हुए पुलिस संदिग्ध सूरज गुप्ता का लोकेशन लिया गया जो पुलिस से छुपते हुए मुंबई भाग चुका था. तत्काल एसएसपी सदानंद कुमार के निर्देशन पर डीएसपी अमन लखीसरानी के नेतृत्व में एक टीम पुणे रवाना हुई। वहीं संदेही सूरज गुप्ता पुलिस को गुमराह करने अपना मोबाइल बंद-चालू कर रहा था. जिसका मोबाइल ऑन होने पर अगला लोकेशन दुर्ग-भिलाई प्राप्त हुआ । पुणे रवाना हुई टीम भिलाई पहुंची. जहां आरोपी सूरज गुप्ता द्वारा अपनी पहचान छुपा कर नया फोन और नया सिम लेकर पेइंग गेस्ट के रूप में रूम किराये में लेकर वहीं रहने की फिराक में था। टीम द्वारा आरोपी पतासाजी करते हुए भिलाई के प्रियदर्शनी परिसर पहुंच कर संदेही सूरज गुप्ता को हिरासत में लिया गया. जिससे हिकमत अमली से पूछताछ करने पर उसने निधि औसरिया और उसके बेटे पार्थ की हत्या कर शव को बिलासपुर-झारसुगुड़ा हाईवे में रोड किनारे पैरावट में जलाना कबूल किया और घटना का वृतांत बताया।
- आरोपी सूरज गुप्ता पिता सुरेश गुप्ता उम्र 41 साल निवासी हिमालय हाइट्स देवपुरी रायपुर हाल मुकाम शांति नगर बिलासपुर बताया कि पूर्व में रियल एस्टेट कंपनी में काम करता था। आरोपी ने बताया कि उसने क्लाइंट के रूपयों की धोखाधड़ी कर रायपुर में काम बंद कर इसके साथ कंपनी में काम करने वाली विवाहिता महिला निधि औसरिया और उसके बेटे पार्थ के साथ बिलासपुर में रहने लगा।
- पहले से विवाहित थे जो पिछले कुछ समय से बिलासपुर में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे. आरोपी ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर झगड़ा विवाद होता था। 24 नवंबर की रात निधि और सूरज में झगड़ा हुआ था. जिस वजह से सूरज दूसरे दिन भी गुस्से में था और दोपहर दोनों के बीच फिर बहसा बहसी हुई और सूरज आवेश में आकर घर रखे हथोड़े से निधि के सिर पर ताबड़तोड़ कई बार वार किया जिससे निधि अधमरी हो गई. जिसके बाद सूरज ने पैर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. पकड़े जाने के डर से घर मौजूद मासूम पार्थ की केबल वायर से गला दबाकर हत्या कर दिया। इसके बाद वह शवो को ठिकाने लगाने की प्लानिंग में जुट गया. उसने पेट्रोल,प्लास्टिक की व्यवस्था कर शवो को ठिकाने लगाने 26 नवंबर की सुबह दोनों लाशो को महिंद्रा suv 700 कार की डिक्की डालकर रायगढ़ की ओर निकला. 26 नवंबर के दोपहर में ही आरोपी सूरज गुप्ता नेतनगर पहुंच गया और पैरावट रखे स्थान की रैकी कर स्थान को उचित मानकर रात्रि होने इंतजार किया और देर रात शवो को जलाकर अकलतरा-बिलासपुर होते हुए अपने घर शांति नगर पहुंचा । पुलिस ने आरोपी से निधि औसरिया के करीब 10 लाख रुपए के सोने चांदी के जेवरात, करीब ढाई लाख रुपये नगद और एक्सयूवी 700 कार जप्त की गई है।














