अयोध्या में श्री राम प्रभु की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है लोग अपने-अपने तरीके से प्रभु श्री राम का स्मरण कर रहे हैं.
*रायगढ़ में आए थे प्रभु श्री राम*
यह बात प्रचलित है कि 14 वर्ष के वनवास के दौरान छत्तीसगढ़ के भांचा प्रभु श्री राम के कदम रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर स्थित “राम झरना” में भी पड़े थे. जिला प्रशासन, वन मंडल, भारतीय जनता पार्टी,युवा मोर्चा,महिला मोर्चा विद्यार्थी परिषद, की तरफ से “राम झरना” में किस तरह का उत्सव मनाया जाएगा
रामकुंड का पानी भरपेट पीने पर तृप्ति शांत ही नहीं होती, इस जाल में अनेकों तरह के खनिज लवणों का मिश्रण होता है जो पेट के लिए फायदेमंद होता है श्रावण मास में शिव भक्त राम झरने से पानी लेकर शहर के शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया करते हैं
मगर वन मंडल की अनदेखी और असामाजिक तत्वों के जमावड़े की वजह से पिकनिक स्पॉट के रूप में प्रसिद्ध उक्त स्थान अपनी पहचान खो चुका है. राम झरना के काया कल्प के लिए कई बार कार्य योजना बन चुकी है और धनराशि आवंटित भी हो चुकी है किंतु अधिकारियों की अकर्मण्यता की वजह से रायगढ़ का प्रसिद्ध राम झरना अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहा है. दो दशक पहले शहर वासी के जब मेहमान आया करते थे तो उनको सैर कराने के लिए राम झरना अवश्य ले जाया करते थे. यहां पर सबसे पुराना स्विमिंग पूल हुआ करता था.वन्य जानवर हुआ करते थे. लोग अलग-अलग अनेक स्थानों पर परिवार सहित बैठकर वन भोज का मजा लिया करते थे. आंवला नवमी के समय यहां की रौनक देखने लायक हुआ करती थी. घांस, फूस ,पैरे से निर्मित अलग अलग रूपों में अनेक कॉटेज बने हुआ करते थे. बच्चों के खेलने कूदने के लिए अनेक तरह के झूले फिसल पट्टी लगे हुए थे.
रायगढ़ विधायक वित्त मंत्री ओपी चौधरी यदि चाहे तो इस स्थान को पुनर्जीवित कर सकते हैं. ओपी चौधरी वित्त मंत्री के अतिरिक्त आवास, योजना,पर्यावरण विभाग के भी मंत्री है. इसलिए उनसे उम्मीद की जा सकती है कि राम झरना के दिन फिर सकते हैं.







