रायगढ़—– प्रशासन चाहे जितने भी इंतजाम एवं सुरक्षा मजदूरों से कर ले परन्तु डर के कारण लुका छिपी का खेल चलता ही रहेगा। जब तक मजदूर स्वंय पहल नही करेंगे तब तक शहर में कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराता रहेगा।
कुछ ऐसा ही हाल शहर से सटे ग्राम बोन्दाटिकरा में लगे ईंट भठ्ठो में कार्य करने आये मजदूरो का है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ईंट भठ्ठो में काम करने वाले श्रमिक रींवा,कोरबा,कोलकाता से पिछले एक सप्ताह से बगैर किसी को सूचना दिए चुपचाप रह रहे थे। जिनकी सूचना किसी ने स्वास्थ्य विभाग को दी थी। तब पुसौर का स्वास्थ्य अमला हरकत में आते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर श्रमिको के ब्लड सेम्पल आदि लिए। जिसे जांच हेतु भेजा गया है। पुसौर ब्लाक अंतर्गत इस ग्राम की सुध लेने वाला कोई नही है क्योंकि 1 सप्ताह पूर्व भी यहीं से ब्लड सेम्पल लिए गए थे। जिनकी रिपोर्ट के बारे में ग्राम वासियो ने अनिभिज्ञता जाहिर की ,बाहर से आये मजदूरों को कवारेंटाइन सेंटरो में न रखना आने वाले समय मे आसपास के वासियो के लिए कोई मुसीबत खड़ी न कर दे। सबसे संवेदनशील बात यह है कि इन ईंट भठ्ठो के पास ही जिले की ख्यातिलब्ध संस्कार पब्लिक स्कूल भी है। जिसमे हजारो बच्चे पढ़ाई करते है। अभी लाकडाउन की वजह से स्कूलों के बंद होने से खतरा कम है मगर थोड़ी सी कोताही के कारण शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही खतरा बढ़ सकता है।






