01 जनवरी से चले आ रहे सड़क सुरक्षा माह का गरिमा में ढंग से समापन हुआ. यातायात पुलिस के द्वारा अनेक कार्यक्रम चलाए गए एवं इन कार्यक्रमों में विजेता रहे स्कूली छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया.इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं एक भयावह सामाजिक समस्या बन चुकी हैं। इसे कम करने के लिए पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, एनएच, पीडब्ल्यूडी सहित कई एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे यहां से “संदेशदूत” बनकर जाएं और अपने घर-परिवार एवं समाज के लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करें। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से आग्रह किया गया कि वे परिवार के प्रत्येक सदस्य को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि उनका भावनात्मक प्रभाव सबसे अधिक होता है। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने चुटकी लेते हुए पूछा कि यहां जितने लोग आए हैं उनमें से कितने लोगों ने हेलमेट लगाया था। कितने लोगों ने सीट बेल्ट का इस्तेमाल किया था। इसके बाद पूरा सदन हंसी से गूंज उठा। किसी एक ने भी हाथ उठाकर समर्थन नहीं किया।
टूटी कलम के कुछ सुझाव
सड़क सुरक्षा माह का नाम बदलकर मानव सुरक्षा माह होना चाहिए क्योंकि दुर्घटना में सड़क का नहीं मानव का नुकसान होता है.
हेलमेट अभियान तब सार्थक होगा जब पुलिस वाले, समाजसेवी, मीडिया कर्मी स्वयं जब तक नियमित रूप से पहनने न लगेंगे.
अनेक स्थानों को चिन्हांकित कर सूचना बोर्ड लगाना चाहिए
रात को 8:00 के बाद सभी चार पहिया वाहन चालकों का ब्रेथ एनालाइजर करवाना चाहिए
शहर के मुख्य चौक चौराहो, ढ़िमरापुर, केवड़ाबाड़ी, चक्रधर नगर हेमू कालानी, ,अटल चौक, सती गुड्डी चौक, हंडी चौक पर प्रतिदिन वाहन चेकिंग अभियान कर चालानी कार्रवाई करना सुनिश्चित होना चाहिए।
बगैर हेलमेट दो पहिया चलाने वालों के ऊपर चालानी कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वह पुलिस वाले समाजसेवी मीडिया कर्मी ,चाहे मैं ही क्यों ना रहूं
शहर के अंदर बड़े वाहन ट्रैक्टर घुसने पर जब्ती की कार्रवाई की जानी चाहिए
सभी ट्रेलर हाईवा, ट्रैक्टर, ट्रक के पीछे की लाइट जलनी चाहिए, नंबर प्लेट होना चाहिए रेडियम लगा होना चाहिए
यदि किसी से बदला निकालना हो तो उसको मोटरसाइकिल से तमनार भेज दीजिए. किस्मत वाला होगा तो वापस आ जाएगा.
कान में मोबाइल लगाकर दुपहिया चार पहिया वाहन चलाने वालों पर मोटे जुर्माने की कार्रवाई की जानी चाहिए । चेहरे पर स्कार्फ बांधकर घूमने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
वाहन चालान और सौंदर्य दर्शन एक साथ ना करें। यह स्लोगन अनेक जगह लिखवाये जाने चाहिए।
रायगढ़ जिले का बहुत चर्चित लोकप्रिय सर्वाधिक पढ़े जाने वाला नंबर वन की तरफ तेजी से बढ़ रहा *टूटी कलम समाचार* पत्रकारिता करना हमारा शौक है, जुनून है, आदत है, दिनचर्या है, कमजोरी है,लगन है,धुन है, पागलपन है ,पत्रकारिता करना हमारे पेट भरने का साधन नहीं है, और ना ही ब्लैकमेलिंग, धमकी,चमकी,देकर, विज्ञापन के नाम पर उगाही,वसूली करने का लाइसेंस मिला हुआ है, संपादक टिल्लू शर्मा लेखक, विश्लेषक, कवि,व्यंगकार,स्तंभकार, विचारक, माता सरस्वती का उपासक,परशुराम का वंशज,रावण भक्त,कबीर से प्रभावित,कलम का मास्टरमाइंड, सही और कड़वी सच्चाई लिखने में माहिर, जहां से लोगों की सोचना बंद कर देते है हम वहां से सोचना शुरू करते है, टिल्लू शर्मा के ✍️समाचार ज्यों नाविक के तीर,🏹 देखन म छोटे लागे, घाव करे गंभीर, संघर्ष और विरोध जितना अधिक होगा सफलता उतनी शानदार होगी, टिल्लू शर्मा नाम ही काफी है तुम अपनी जलन बरकरार रखो हमारा जलवा बरकरार रहेगा, इलाका किसी का भी हो धमाका हमारा ही होगा, हम तक पहुंचने के लिए अपनी लाइन बड़ी करनी पड़ेगी, शेर के पांव में कांटा चुभ जाने पर कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते हैं.✍️✍️✍️✍️✍️
