🔱टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ छत्तीसगढ़ 🌍 सब्जी मंडी संजय परिसर में बेजा कब्जा हटाने पहुंचे निगम के अमले से सब्जी मंडी के अध्यक्ष कुलदीप नरसिह से काफी हॉट टॉकिंग हो गई. बताया जा रहा है कि कुलदीप भाजपा के महापौर जीवर्धन चौहान के द्वारा निर्मित चाय चिप्स की दुकान को लेकर काफी आक्रोशित है। कुलदीप का कहना है कि निगम प्रशासन पहले महापौर का अवैध निर्माण तोड़े फिर सब्जी मंडी का कब्ज़ा हटाए.
कुलदीप ने मीडिया के सामने कहा कि वे महापौर के शब्दों से विचलित हुए हैं, जब वे कब्जा न हटवाने का निवेदन लेकर महापौर के पास गए थे तो महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि कोई कार्रवाई नहीं रुकेगी। जिसे सुनकर कुलदीप नर्सिंग उल्टे पैर वापस आ गए और सब्जी व्यवसाईयों को एकत्रित करते हुए. जोर-शोर से महापौर का विरोध करने लगे और उन्होंने पेट्रोल मंगवाने के लिए कहा और बोले की यदि उनकी सुनवाई नहीं होती है तो वे स्वयं के शरीर पर पेट्रोल डालकर स्नान कर लेंगे और आत्मदाह कर लेंगे। इसके बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया।
ज्ञात रहे की कुलदीप नरसिंह पहले कांग्रेस के कार्यकर्ता थे और कांग्रेस की टिकट से वार्ड पार्षद का भी चुनाव लड़ चुके हैं किंतु समय पलटते ही कुलदीप ने रायगढ़ के भाजपा विधायक वित्त मंत्री ओपी चौधरी का दामन थाम लिया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ओ पी चौधरी महापौर का समर्थन करते हैं या कुलदीप को समझाइए देते हैं।
कुलदीप ने कहा कि साइकिल में घूम कर कोई महापौर नहीं बन जाता है यह सत्ता की गर्मी है जो 5 साल में अपने आप उतर जाएगी। पूर्व महापौर निर्दलीय चुनाव लड़ चुकी मधु भाई किन्नर भी इस महापौर से अच्छी महापौर साबित हुई थी। वह लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ी रहती थी। मगर महापौर जीवर्धन चौहान ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि मैं सब्जी मंडी के लिए कुछ नहीं कर सकूंगा और मेरे पास दुबारा आने की जरूरत नहीं है। इसके बाद कुलदीप आक्रामक हो गए एवं स्वयं के आत्मदाह करने की धमकी तक दे डाली। लोग इसे धमकी और गीदड़ भभकी की मान रहे हैं। मगर अब पुलिस को कुलदीप के ऊपर निगाह रखनी चाहिए ताकि कोई अप्रत्याशित घटना न घट जाए.
रायगढ़ जिले का बहुत चर्चित लोकप्रिय सर्वाधिक पढ़े जाने वाला नंबर वन की तरफ तेजी से बढ़ रहा *टूटी कलम समाचार* पत्रकारिता करना हमारा शौक है, जुनून है, आदत है, दिनचर्या है, कमजोरी है,लगन है,धुन है, पागलपन है ,पत्रकारिता करना हमारे पेट भरने का साधन नहीं है, और ना ही ब्लैकमेलिंग, धमकी,चमकी,देकर, विज्ञापन के नाम पर उगाही,वसूली करने का लाइसेंस मिला हुआ है, संपादक टिल्लू शर्मा लेखक, विश्लेषक, कवि,व्यंगकार,स्तंभकार, विचारक, माता सरस्वती का उपासक,परशुराम का वंशज,रावण भक्त,कबीर से प्रभावित,कलम का मास्टरमाइंड, सही और कड़वी सच्चाई लिखने में माहिर, जहां से लोगों की सोचना बंद कर देते है हम वहां से सोचना शुरू करते है, टिल्लू शर्मा के ✍️समाचार ज्यों नाविक के तीर,🏹 देखन म छोटे लागे, घाव करे गंभीर, संघर्ष और विरोध जितना अधिक होगा सफलता उतनी शानदार होगी, टिल्लू शर्मा नाम ही काफी है तुम अपनी जलन बरकरार रखो हमारा जलवा बरकरार रहेगा, इलाका किसी का भी हो धमाका हमारा ही होगा, हम तक पहुंचने के लिए अपनी लाइन बड़ी करनी पड़ेगी, शेर के पांव में कांटा चुभ जाने पर कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते हैं.✍️✍️✍️





