रायपुर छत्तीसगढ़ में शक्कर कारोबार से जुड़ी एक बड़ी कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। राजधानी रायपुर सहित सरगुजा संभाग के कई व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि शक्कर सप्लाई के नाम पर उधार में माल लेने के बाद भुगतान नहीं किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रायगढ़ निवासी एक कारोबारी और उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पिता-पुत्र पर धोखाधड़ी का आरोप
मामले में रायगढ़ निवासी राजेश अग्रवाल और उसके बेटे को आरोपी बनाया गया है। खमतराई थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने व्यापारियों से बड़े पैमाने पर शक्कर उधार में खरीदी, लेकिन तय समय पर भुगतान नहीं किया। इससे कई कारोबारी आर्थिक नुकसान का सामना कर रहे हैं।
व्यापारी यूनियन के नाम पर बनाया नेटवर्क
शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपियों ने कारोबारियों का विश्वास हासिल करने के लिए ‘छग-ओडिशा-MP शुगर व्यापारी यूनियन’ नाम से एक समूह बनाया था। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न जिलों और राज्यों के व्यापारियों से संपर्क स्थापित कर व्यापारिक नेटवर्क तैयार किया गया। बताया जा रहा है कि इसी नेटवर्क के जरिए कारोबारियों के साथ लेन-देन शुरू हुआ और बाद में बड़ी मात्रा में शक्कर उधार में ली गई।
होटल में हुई थी कारोबारियों की बैठक
जानकारी के अनुसार रायपुर के रामसागरपारा स्थित एक होटल में शक्कर कारोबारियों की बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में व्यापारिक गतिविधियों, सप्लाई व्यवस्था और भविष्य के लेन-देन को लेकर चर्चा हुई थी। कारोबारियों का आरोप है कि इसी दौरान भरोसे का माहौल बनाकर बड़ी मात्रा में माल उठाया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
8 से अधिक कारोबारी हुए प्रभावित
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रायपुर और सरगुजा संभाग के 8 से अधिक कारोबारी इस कथित धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। प्रभावित व्यापारियों के अनुसार कुल बकाया राशि दो करोड़ रुपये से अधिक है। हालांकि वास्तविक राशि और प्रभावित लोगों की संख्या जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आर्थिक लेन-देन की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा व्यापारिक दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित धोखाधड़ी में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं।मामला बहुत दिलचस्प है। रायगढ़ कालिंदी कुंज में रहने वाले महावीर ट्रांसपोर्ट संचालक राजेश कुमार अग्रवाल और उनके पुत्र शैलेश अग्रवाल के विरुद्ध रायपुर के आठ कारोबारियों ने खमतराई थाने में शिकायत की है।
उनकी शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 316 (5), 318 (4) और 60 (ए) के तहत अपराध दर्ज किया है। रायपुर के कारोबारियों का आरोप है कि राजेश अग्रवाल व शैलेश अग्रवाल ने सुनियोजित तरीके से ठगी करने के लिए अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में झूठ कहा। स्वयं को अत्यंत प्रभावशाली, संपन्न और सक्षम व्यापारी बताते हुए शक्कर खरीदने का ऑर्डर दिया। राजेश अग्रवाल ने स्वयं को महावीर ट्रांसपोर्ट व चंदगीराम कोल्ड स्टोरेज का मालिक और शक्कर का बड़ा व्यापारी बताया। रामसागरपारा के होटल आई स्टे में बुलाकर शक्कर खरीदने के लिए डील की लेकिन पेमेंट के लिए चार-पांच दिन की मोहलत मांगी।
सिंघल प्रोविजन खमतराई के संचालक राजेश अग्रवाल ने उस पर भरोसा करके 16,34,700 रुपए का शक्कर रायगढ़ भेज दिया। आरोपियों का कहना था कि माल रायगढ़ पहुंचते ही अधिकतम 3-4 दिनों में भुगतान हो जाएगा। लेकिन माल मिलने के बाद उसने भुगतान नहीं किया। तकादा करने पर नंबर को ब्लॉक कर दिया। शक्कर व्यापारियों के व्हाट्सएप ग्रुप से भी हटा दिया। इसके बाद पीड़ित व्यापारियों ने पुलिस की शरण ली।
> किस-किस से मंगवाया शक्कर
बाद में पता चला कि आरोपियों ने आठ व्यापारियों से एक ही तरह से ठगी की। राजधानी ट्रेडर्स नितेश जैन से 21,36,792 रुपए, आरके बंसल एंड कंपनी रूपक अग्रवाल से 29,05,600 रुपए, केएच शुगर धीरज धुप्पड़ से 15.75 लाख रुपए, वर्धमान ट्रेडिंग अंबिकापुर अंकित कुमार तायल से 46,21,233 रुपए, तुलश्यन ट्रेडर्स मदनलाल अग्रवाल से 19,49,410 रुपए, फर्म भगवानदास भोजराज के अमित छाबड़िया से 22,73,994 रुपए, बालाजी गुड्स प्रकाश अग्रवाल से 30,14,904 रुपए और सिंघल प्रोविजन राजेश अग्रवाल से 16,34,700 रुपए कुल 2,01,36,633 रुपए की ठगी की गई







