🔰 रायगढ़—– सरकार द्वारा बगैर सोचे विचारे प्रवासी मजदूरों को उधर से इधर करने का जो फैसला लिया था। वह अब आफत का रूप लेकर सामने आ रहा है। दिन प्रतिदिन देश प्रदेश में कोरोना माहमारी से ग्रसित लोगो की संख्या में इजाफा हो रहा है। मार्च में लाकडाउन से पूर्व ही सभी प्रवासियों को उनके गृहग्राम भिजवाते उसके बाद लाकडाउन लगाते तो अब तक पूरा देश कोरोना मुक्त हो चुका होता। सरकार के द्वारा लिये गये अविवेकी पूर्ण फैसले से पूरे देश मे भय का माहौल उतपन्न हो गया है। बुद्धिमान लोग एक दूसरे से बातचीत करने कहीं आने जाने में संकोच करने लगे है।
🔰पूर्व में प्रवासी मजदूरों से फैले संक्रमण ने अब कम्युनिटी संक्रमण का रूप अख्तियार कर लिया है। रोजाना नये नये क्षेत्रो से संक्रमित लोगो की पहचान निकल रही है। सरकार,जिला प्रशासन,पुलिस प्रशासन, स्वास्थ विभाग भी कन्टेन्टमेंट जोन बना बना कर त्रस्त हो गये तब सरकार ने अब किसी भी तरह लाकडाउन लगाने से पल्ला झाड़ लिया। अब पूरे क्षेत्र को बेरिकेटिंग कर कन्टेन्टमेंट जोन बनाने की अपेक्षा संक्रमित रोगी के घर को बेरिकेटिंग कर होम आइसोलेट किया जाने लगा है। जिस घर मे पॉजिटिव पाया जा रहा है। उसके घर पर पड़ोसी निगरानी रख रहे है। एक ऐसा ही विवादित मामला पहाड़ मंदिर क्षेत्र के कोहाकुंडा में देखने को मिला था। जहां बेरिकेटिंग वाले घर के सदस्यों का बहिष्कार कर दिया था। मामले की भनक लगने पर निगम आयुक्त ने मौके पर पहुंचकर मोहल्ले वासियो को समझाइश दी। तब जाकर विवाद का पटाक्षेप हुआ। इसी तरह सारंगढ के ग्राम छोटे खैरा के ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन,स्वास्थ्य विभाग को गांव में घुसने से रोक दिया था। तब जिलादण्डाधिकारी एवं जिला पुलिस अधीक्षक ने जाकर समझाया तब ग्रामीण लोग माने और आज वही छोटे खैरा जिले का बुहान शहर बन गया है। सबसे ज्यादा पॉजिटिव मरीज इसी गांव में मिले है। दिनों दिनों माहमारी के बढ़ते केसों पर नियंत्रण रखने के लिए पूरा प्रशासन भीड़ा हुआ है परन्तु गणेश चतुर्थी पर उमड़ी भीड़ से माहमारी फैलने का खतरा भी मंडरा गया है। जिसका परिणाम 14 दिनों के बाद सामने आने लग जायेंगे। वैसे भी आंकड़ो के हिसाब से रायगढ़ जिला प्रदेश का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनने की ओर अग्रसर है।








