रायगढ़____ कोरोना वायरस के मामले दिनों दिन जिले में बढ़ते ही जा रहे है। इन दिनों 300,350 मरीजों की संख्या का ग्राफ बना हुआ है। जो कि आने वाले दिनों में 500 के करीब हो सकते है। कारण गत 20 से 23 सितम्बर तक बाजारों में उमड़ी हो सकती है। प्रशासन द्वारा पूर्व घोषित लॉकडाउन की वजह से बाजारों में खासकर किराना एवं सब्जी दुकानों में उमड़ी भीड़ ही होगी। लोगो के मन में कोरोना संक्रमण के दुष्परिणामो की तनिक भी चिंता नहीं है। लोग कल का न सोचकर आज का ही सोच कर कार्य कर रहे है। जिला प्रशासन,पुलिस प्रशासन की समझाइश का कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है।
मंदी की मार का कोई असर किसी भी वर्गीय परिवारों में नहीं दिख रहा है। प्रशासन,सरकार पर दोषारोपण करना एक तकियाकलाम महज मात्र है। सबसे गाढ़ी कमाई ये मध्यम वर्गीय परिवार ही कर रहे है। जो कि बन्दी का फायदा उठाकर आलू,प्याज 60 ₹ किलो तक में बेचे थे। खाद्य तेल का जबरन अभाव बतलाकर 1350/₹ का 1900/₹ में बेचे थे।बरबटी सरीखी 10₹ बंद्दल में बिकने वाली सब्जी आज भी 60/₹ किलो बिक रही है। बुद्धि भ्रस्ट करने वाला कुंदरु भी राजा बनकर 80/₹ किलो बिक रहा है फिर भी लोग रोते हुए खरीद रहे है और दोष जिला प्रशासन को दे रहे है। बिना मास्क घूम रहे है और आरोप पुलिस पर लगा रहे है।
बाजारों में घुमक्कड़ प्रजाति को देखकर लगता है कि कोरोना वायरस पर जीत पाना फिलहाल असम्भव है।







