✒️ टूटी कलम रायगढ़ डेस्क पंजाब के संगरूर में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का शिक्षकों ने भारी विरोध किया। चन्नी की रैली में विरोध-प्रदर्शन करने वाले बेरोजगार बीएड शिक्षक पात्रता परीक्षा शिक्षकों को पुलिस ने घसीट-घसीटकर वहां से हटाया। कई महिला प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में ले लिया गया। शिक्षकों पर पुलिस की हिंसक कार्रवाई के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें देखकर लोग विचलित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री की रैली में पुलिस ने पंजाब के शिक्षकों पर हिंसक कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि, यह कार्रवाई उन शिक्षकों पर की गई थी, जो नौकरी पाने में असमर्थ थे, और विरोध करने के लिए मौके पर एकत्र हुए थे। टूटी कलम
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की रैली में पुलिस को महिलाओं और पुरुषों को घसीटते-पीटते और जीपों में लादते हुए देखा गया। पुलिसकर्मी को एक प्रदर्शनकारी को चोकहोल्ड में पकड़ते हुए देखा गया, जो उसे सरकार की निंदा करने से रोकने के लिए उसका मुंह बंद करने की कोशिश कर रहा था। वहीं, कुछ अन्य लोगों ने भी पुलिस को प्रदर्शनकारियों को पकड़ने और एक ट्रक में ले जाने में मदद की। पुलिसिया कार्रवाई के ऐसे दृश्य देखकर, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के महिला केंद्रित “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” अभियान पर सवाल उठने लगे हैं, जिसे उन्होंने उत्तर प्रदेश में शुरू किया था। टूटी कलम
पंजाब के संगरूर में, उनकी ही पार्टी के शासित राज्य में लड़कियों पर पुलिस की जोर-जबरदस्ती के आरोप लग रहे हैं। घटनास्थल से विचलित करने वाले दृश्यों में पुलिस को नारे लगाने वाले शिक्षकों को रोकने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। जहां मुख्यमंत्री और पंजाब सरकार की निंदा करने वाले नारे लगे तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुंह में कपड़ा ठूंसकर पकड़ा। पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर ही कई महिला प्रदर्शनकारियों को दबोच लिया। वे प्रदर्शनकारी कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लगा रही थीं। उसी दौरान एक अधिकारी को एक महिला प्रदर्शनकारी को उसके कपड़ों से घसीटते हुए देखा गया। क्रूर पुलिसिया कार्रवाई, उन क्वालिफाइड टीचर्स पर हुई जिन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही थी। यह सभी लोग चन्नी की रैली वाली जगह पर इकट्ठा हुए थे। टूटी कलम





