✒️ टिल्लू शर्मा टूटी कलम रायगढ़…चुनावी शोर थमते ही पार्षद प्रत्याशी एवं उनके समर्थक वार्ड के सभी घरों के दरवाजे पहुंचकर मतदाताओं के सामने हांथो को जोड़कर अपने पक्ष में मतदान करने की मिन्नते करने में भरी ठंड में पसीना बहा रहे है। अब वार्डो में शराब,रुपये,समान देने का दौर चलेगा। मतदान पूर्व रात को राजनीतिक भाषा मे कत्ल की रात भी कहा जाता है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का कार्य होता है एक दूसरे पर नजरें रखकर पूरी रात वार्ड की गली गली घूमकर चौकीदारी करना एवं वोट पलटी करने के हर संभव करना। टूटी कलम
पारिवारिक विवाद सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर… चुनाव के खंदक की लड़ाई के समय वार्ड नं 25 की भाजपा समर्थित प्रत्याशी रश्मि गबेल(वर्मा) के पति- पत्नी के बीच चल रहे आपसी विवाद को सोशल मीडिया पर लाकर रश्मि की छवि खराब करने का षडयंत्र कहीं भारी न पड़ जाये। रश्मि के पक्ष में यदि महिला मतदाता एक हो गए तो सारे कांग्रेसी समीकरण ध्वस्त होने से कोई नही रोक सकता। राजनीति की लड़ाई में पारिवारिक मतभेदों का इस्तेमाल करना स्वच्छ राजनीति की पहचान नही है। शायद ही कोई ऐसा घर हो गया। जहां पति पत्नी के विवाद न होते होंगे । पारिवारिक विवाद को हल करने के लिए पारिवारिक सलाह केंद्र है। जहां पति-पत्नी को बुलवाकर मशविरा देकर आपसी विवादों का पटाक्षेप किया जाता है। इसके बाद भी सुलह न हो तो न्यायालय तो सहारा होता ही है। राजनीतिज्ञ,समाजसेवियों,मीडिया वालों का कार्य किसी के परिवार के बिखराव को रोकना होना चाहिए न कि खाई को फैलाने का होना चाहिए। टूटी कलम
किसी के परिवार को बिखराव को जोड़ने,संजोने,एक करने वालो का नाम होता है न कि एकदम से अलग अलग करने वालो का,यदि वर्तमान में एक दूसरे को नीचा दिखलाने पर तुले पति-पत्नी में सुलह हो जाये और वे एक हो जाये और हंसी खुशी का जीवन यापन करने लग जाये तो बिखराव में सहायता करने वाले मुंह दिखलाने के काबिल भी नही रह जाते। टूटी कलम
ज्योत से ज्योत जलाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो…सिद्धान्त यही होना चाहिए कि लोगो के मन मे एक दूसरे के प्रति आई कटुता को समाप्त करने के लिए मानव जीवन समर्पित रहना चाहिए। वैसे भी पति-पत्नी की जोड़ी शिव पार्वती की जोड़ी मानी जाती है एवं इन दोनों के बीच दूरियां बढ़ाने को उचित नही माना जा सकता। टूटी कलम







