✒️ टूटी कलम रायगढ़. …..जोरापाली स्थित जगदम्बा प्लांट में मजदूर की अंगुलियां कटने पर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने अपराध कायम करने बाद सुनाई भी शुरू नही हुई थी कि दूसरी दुर्घटना की खबर प्लांट से बाहर आ गई। प्रबंधन द्वारा प्लांट के अंदर ही अंदर कितनी दुर्घटनाओ को धनबल के जोर पर दबा दिया जाता होगा। इस विषय पर श्रम, सुरक्षा विभाग पर सवालिया निशान खड़े कर दिए है। ज्ञात रहे कि उक्त प्लांट प्रबंध रूपेश कुमार अग्रवाल के खिलाफ औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने हाल में ही कारखाना अधिनियम के तहत 7a ,2c की धारा लगाकर लेबर कोर्ट में चालान पेश किया है इसके बावजूद कारखाना प्रबंधन बेपरवाह है,लापरवाह है। इतने हादसे तो बड़े बड़े उद्योगों में भी नही होते है। टिल्लू शर्मा
जोरापाली स्थित जगदम्बा प्लांट में बीते रविवार को यहां एक हाइड्रा से दुर्घटना में एक ठेकाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे प्लांट प्रबन्धन द्वारा निजी चिकित्सालय व पुलिस से जानकारी छिपाते हुए ईलाज के लिए दाखिल करा दिया गया। जानकारों की माने तो उक्त हाइड्रा चालक द्वारा पूर्व में भी दुर्घटनाओ को अंजाम दिया गया है। बावजूद इसके प्लान्ट प्रबन्धन श्रमिको की जान जोखिम में डाल उस पर मेहरबानी बनाये हुये है।तो क्या प्रबन्धन और भी बड़े हादसे का ईनतजार कर रहा है जिसके बाद वह अपनी चिरनिंद्रा से जाग सके।यहां फिर भी सवाल जस का तस ही है कि आखिर प्लांट में हुए दुर्घटना की जानकारी सम्बन्धित थाने में क्यो नही दी गयी? क्या प्लांट प्रबन्धन नियम कानून से भी ऊपर है जिसे दुर्घटना की जानकारी छिपाने से भी गुरेज नही है। टूटी कलम
इस पूरे मामले में जहां सर्वप्रथम प्लांट प्रबन्धन को हादसे की जानकारी पुलिस को दी जानी थी।परंतु ऐसा न कर आनन फानन में गलत जानकारी के साथ उपचार के लिए निजी हॉस्पिटल में दाखिल करा दिया गया, हालांकि पेटी ठेकेदार न केवल घायल श्रमिक के उपचार की जिम्मेदार लेने को तैयार है बल्कि उसकी स्थिति में सुधार होने तक उसे पारिश्रमिक देने की बात पर सहमति भरते नजर आ रहा है। वही पुलिस से घटना की जानकारी छिपाने व निजी चिकित्सालय में हादसे के कारण को गलत बताने की जिम्मेदारी पेटी ठेकेदार सलमान द्वारा प्लांट प्रबन्धन पर थोपी गई है। टूटी कलम






