
✒️ टिल्लू शर्मा रायगढ़ की बेबाक टूटी कलम निरंतर मीडिया में बने रहकर अपनी पीठ थपथवाने वाले खनिज विभाग के छपास प्रेमी अधिकारी रोजाना क्रेशरों को सिलबन्दी खनिज लोड वाहनों पर कार्रवाई करने की विज्ञप्तियां जारी कर आम जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास करते है। जबकि सतही वास्तविकता अलग ही होती है। रोजाना सीलबंद किये जा रहे क्रेशर की सील कब खोल दी जाती है। यह केवल क्रेशर संचालक एवँ विभाग के अधिकारी ही जानते है। इसी तरह से अवैध खनिज लोड वाहनों को जप्ती दिखलाकर कब छोड़ दिया जाता है ? इसे भी वाहन स्वामी,क्रेशर संचालक एव विभाग के अधिकारी ही जानते है। कितना जुर्माना किस आधार पर वसूला गया ? रसीद काटी गई या नही ? इसकी जानकारी मीडिया को क्यो नही दी जाती ? वाहनों पर जुर्माना लगाने के स्थान पर राजसात की कार्रवाई क्यो नही की जाती ? टूटी कलम
शहर के पुराने क्रेशर संचालक अनिल केडिया के द्वारा लीज में ली गई जमीन पर क्रेशर का संचालन न कर अन्य स्थान पर संचालित किए जाने की बात स्वयं खनिज विभाग के अधिकारी स्वीकार कर रहे है। जिस पर वे खुद फंसते दिख रहे है क्योंकि क्रेशर रातों रात तो लग नही गया होगा। जिले में सबसे बड़ी पत्थर फोड़ू मशीन कृष्णा बिल्डकॉन के क्रेशर में लगी हुई है। इस मशीन को लगाने की इजाजत किसने दी। बड़े क्रेशर से नीचे वाले स्थान पर छोटा क्रेशर भी बगैर अनुमति के संचालित करना बतलाया जा रहा है।इस पूरे गड़बड़झाले में खनिज विभाग क्या कार्रवाई करेगा यह भी स्पष्ट नही किया गया है। सिवाय इसके की मोटा जुर्माना किया जायेगा के अतिरिक्त। सेठ अनिल केडिया को जुर्माने से तनिक मात्र भी फर्क नही पड़ने वाला क्यूंकि लंबे अंतराल में अनिल केडिया ने सरकार को करोड़ो रूपयो के राजस्व की हानि पहुंचाकर तिजोरियां भर ली गई हैं एवं गुडेली टिमरलगा क्षेत्र की जमीनों को खोखला कर दिया गया है। टूटी कलम
कृष्णा बिल्डकॉन के नाम से संचालित क्रेशर पहले शायद कृष्णा ग्रामोद्योग के नाम से संचालित हुआ करता था। इस क्रेशर परिसर में व्यापक रूपी अनिमियताये पाई जानी बतलाई जा रही है। मगर खनिज विभाग लीज निरस्त न कर सिलबन्दी,जुर्माने की बात क्यो कर रहा है। यह सबकी समझ मे आ रहा है। अधिकारियों की किस्मत है कि सौदेबाजी कितने में तय होगी। टूटी कलम
सर्वमंगला क्रेशर की वाहन को दिखावे मात्र के लिए जप्ती बनाया गया है।उक्त खबर सप्ताह पूर्व छापी जा चुकी है।








