🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️टूटी कलम रायगढ़…….. सावन महीने में कुछ लोगो ने सुबह का नाश्ता एवम दोपहर का भोजन करना बंद कर दिया है। जिसका कारण भोले की भक्ति नही अपितु रायगढ़ पुलिस है। आइए जानते है की आखिर किस वजह से ये लोग भूखे रहने लगे है।
पहला कारण है की बंगुरसिया जंगल के पास रायगढ़ के सिंघल ट्रेडर्स के कर्मचारी को की आज्ञा तत्वों ने बाइक रोककर 3:00 से 1000000 रुपए तक की लूट होने का मामला सामने आया था तमाम जांच पड़ताल के बाद यह लगने लगा था कि तथाकथित लूट के आरोपी शीघ्र ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे एवं पुलिस के द्वारा नाश्ता आदि की व्यवस्था कर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसका खुलासा किया जाएगा परंतु 9 जुलाई को घटित उक्त घटना का कोई भी कुल्लू पुलिस को नहीं मिल पाया है जिस वजह से अब तक घटना अंधेरे में ही है। दूसरा कारण बहुत बड़ा है जिसमें उड़ीसा रोड स्थित पार्क सिटी निवासी पंडा परिवार के घर पर चोरों ने धावा बोलकर अधिकारिक रूप से 24 लाख रुपए तक की नगदी एवं जेवरातो की चोरी हुई बतलाया गया एवम पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जानकार सूत्र बस लाते हैं कि चोरी लगभग 50,00000 रुपए के आसपास की हुई है। लेकिन आयकर विभाग की राडार में आने से बचने के लिए आधी चोरी की रिपोर्ट जूट मिल थाना में लिखवाई गई थी। इस घटना के बाद भी यह लग रहा था कि चोर अति शीघ्र ही पुलिस के हत्थे चढ़ जाएंगे क्योंकि पुलिस के द्वारा दावा किया जा रहा था कि उक्त चोरी केस में लिप्त दो लोगों की फोटो सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गए हो चुकी है एवं पुलिस के द्वारा चार संदिग्ध लोगों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। मगर 18 तारीख को हुई तथाकथित चोरी को हुए सप्ताह भर से ऊपर गया है और पुलिस के हाथ इस चोरी के खुलासे को लेकर भी खाली हैं।
लगातार दो बड़े वाले सामने आने के बाद कई लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा क्योंकि पुलिस के द्वारा दो बार प्रेस वार्ता का आयोजन कर चाय – नाश्ता करवाने की उम्मीद लगी हुई थी. ना जाने किस दिन और कितने समय पुलिस के द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया जाए यह सोच कर लोग सुबह उठकर दिनचर्या से फारिंग होकर बगैर नाश्ता किए पुलिस की सूचना पर नजरे जमाए बैठे रहने लगे की ना जाने किस समय पुलिस से सूचना आ जाए की प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कंट्रोल रूम में इतने समय किया गया है। और तो और कईयों ने तो दोपहर का भोजन करना भी इस वजह से त्याग रखा है की किसी भी समय दोपहर को प्रेस वार्ता का आयोजन किया जा सकता है। जिसमें हाफ चाय ,एक समोसा ,चार बिस्कुट ,6 चिप्स ,थोड़ा सा मिक्चर , पानी की छोटी बोतल मिल जाएगी। अपने आप को बड़ा समझने वाले कई लोग अपने कर्मचारियों को यह बोलकर सुबह जल्दी बुला लेते हैं की कभी भी किसी भी समय उनको पुलिस की हाजिरी बजाने के लिए कंट्रोल रूम में जाना पड़ सकता है एवं वहां पर नाश्ता भी दिया जाएगा। कर्मचारी बेचारे अपने पिट्ठू बैग में माइक आईडी लेकर पुलिस कंट्रोल रूम के इर्द गिर्द भटकते देखे जा सकते हैं।भले ही उनके माइक आईडी से समाचार का प्रसारण भी ना होता हो परंतु अपनी धौंस पट्टी जमाने के लिए। इस तरह के हथकंडे अपना जाना अब आम बात हो चुकी है क्योंकि जिन बेचारो को लिखना तक नहीं आता है वे बड़े-बड़े अधिकारियों से वाइट एवं विजुअल लेते देखे जाते हैं।






