🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़… छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार को किसी भी मामले में घेरने में असफल रह चुकी भाजपा के द्वारा बेरोजगार युवकों के नाम पर प्रदेश की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री आवास घेरने के नाम पर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को छलकर अपना उल्लू सीधा करने का प्रयास किया जा रहा है. सबसे मजेदार बात यह है की बेरोजगार युवकों का नेतृत्व कलेक्टरी छोड़कर राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने या मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब संजोए ओम प्रकाश चौधरी कर रहे हैं। पिछले चुनाव में खरसिया विधानसभा से उमेश नंदकुमार पटेल के हाथों पराजित होने के पश्चात ओपी चौधरी खरसिया विधानसभा से अलग होकर प्रदेश में अपने पैर जमाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अपने आप को युवाओं का हितेषी एवं मार्गदर्शक बतलाने वाले ओमप्रकाश चौधरी ने खरसिया क्षेत्र में लगे उद्योगों में कितने बेरोजगारों को अपने पहुंच के दम पर नौकरी दिलवाई यह प्रश्नीय है ? प्रदेश में विरोध की राजनीति कर रहे ओमप्रकाश चौधरी ने खरसिया विधानसभा में प्रदूषण के मामले में कितनी आवाज उठाई ? उद्योगों के विस्तार के लिए होने वाली जनसुनवाई का कहां पर विरोध किया यह भी प्रश्निय है ? बिलासपुर झाड़सुगुड़ा नेशनल 49 मार्ग पर खरसिया विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक फ्लाईएस डंपिंग पर मामले में कितनी बार ओमप्रकाश चौधरी ने विरोध कर धरना प्रदर्शन किया है ?
अपनी बातों से अपनी सोच से विस्फोट करने वाले भूपेश बघेल चाहे तो बहुत बड़ा विस्फोट कर भाजपा को एक बार में ही बैकफुट पर लाकर खड़ा कर सकते हैं। यदि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यह ऐलान कर दे की रैली में शामिल हुए सभी युवक अपनी अपनी योग्यता प्रमाण पत्र एवं पढ़ाई लिखाई की मार्कशीट जमा कर देवें तो उनको नौकरी के लिए इंटरव्यू पर बुलाया जाएगा। केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना छत्तीसगढ़ में भी शुरू होने वाली है जिसके लिए युवक अपने प्रमाण पत्र अग्निवीर बनने के लिए जमा कर देवें। तो शायद आधी से ज्यादा भीड़ बैरंग लौट जाएगी क्योंकि भाजपा के द्वारा बेरोजगार लोगों का इस्तेमाल कर सरकार को घेरने के अतिरिक्त और कुछ नहीं है। यहां तक की कलेक्टरी छोड़ने वाले,अधिकारी, कर्मचारी,वकील,व्यवसाई लोग भी छंट जायेंगे।एवम वास्तविक बेरोजगार नाम मात्र के रह जाएंगे। भाजपा के द्वारा प्रदर्शन के नाम पर कर आगामी चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। भूपेश बघेल नरवा, गरवा, घूरवा,बाड़ी में रोजगार देने का आश्वासन भी देकर मामले का पटाक्षेप कर सकते है। इसके लिए भी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र की अनिवार्यता कर दी जा सकती है। तब प्रदर्शनकारी क्या करेंगे ?
बेरोजगारी का असर छत्तीसगढ़ प्रदेश में सबसे कम है पूरे देश में बेरोजगारी बढ़ती ही जा रही है। जिसके लिए केंद्र सरकार के द्वारा कड़े कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। दक्षिण कोरिया देश के पूर्व राष्ट्रपति पार्क चुंग से अपनी तुलना करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश में उद्योगों पर विचार कर घरेलू उत्पादकों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए उन्हें अंबानी,अडानी, आदि उद्योगपतियों से यह मांग करनी चाहिए की उनके उद्योगों में विदेशों से बुलाकर अधिकारी कर्मचारी को कार्य पर रखने के स्थान पर देश के लोगों को कार्य दिया जाना चाहिए।