🌀टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम भाजपा की आईडी सेल के द्वारा पिछले 2 साल से विधायक प्रकाश नायक की टिकट काटने की अफवाह जोर-जोर से फैलाई जा रही थी. जिसको लोकल मीडिया के द्वारा इस तरह से प्रसारित किया जा रहा था कि छत्तीसगढ़ के 90 विधायकों में से रायगढ़ विधायक सबसे निष्क्रिय विधायक है. अगर गहराई से छानबीन की जाए तो लोकल मीडिया पूरी तरह से भाजपाई मीडिया कहला सकती है क्योंकि समय-समय पर प्रकाश नायक के द्वारा मीडिया को सहयोग दिया जाता रहा है इसके बावजूद मीडिया भाजपा के पक्ष में ही प्रचार प्रसार करती नजर आई. जिन्होंने प्रकाश को निष्क्रिय बतलाने से कोई परहेज नहीं किया गया. रायगढ़ में हुए विकास कार्य को झुठलाने में भी लोकल मीडिया माइक आईडी थामें जबरदस्ती का यहां वहां का समाचार वायरल कर प्रकाश को बदनाम करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी. इस तरह के मीडिया वाले भाजपा की हां में हां मिलाते नजर आए. यह सारा कमाल भाजपा के द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंसो का है। जहां मीडिया वालो को अनेक तरह से नाश्ते समोसा,आलुगुण्डा,कचौरी,कटलेट,बड़ा,भजिया,मिक्सचर,मीठा,चाय काफी,पानी आदि परोसकर जीभ के चटोरे बना कर अपने पक्ष में कर लिया गया। कुछ मीडिया वालो को गिफ्ट,नगदी देकर बंधुआ श्रमिक मान लिया गया. बीजेपी से ओ पी चौधरी को टिकट मिलने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं से ज्यादा खुश पैड मीडिया वाले नजर आए. जिनको यह उम्मीद है कि भविष्य में उनको मोटी धनराशि के अतिरिक्त विंटर जैकेट, सेविंग किट, अनेक तरह के गिफ्ट धनतेरस एवं दीपावली के अवसर पर मिल सकते हैं.
वर्तमान विधायक प्रकाश नायक की टिकट काटने और कटने की अफवाह इन्हीं मीडिया वालों के द्वारा सबसे ज्यादा फैलाई गई थी. मगर पुनः प्रकाश नायक को टिकट मिलने के बाद इनकी जुबानों पर ताला लटक गया है. इनके द्वारा यह अफवाह फैलाई जाएगी कि रायगढ़ से कोई भी दोबारा चुनाव नहीं जीता है. मगर इस बार प्रकाश दुबारा चुनाव जीत पर लोकल मीडिया अपने पक्ष में करने में सफल हो जाएंगे क्योंकि इस बार प्रकाश चुनाव जीत पर मंत्री पद पाने के हकदार बन जाएंगे.
प्रकाश को टिकट नहीं मिलने का एक भी कारण कोई नहीं बता सका.. हमारे द्वारा पूर्व में लिखे गए समाचार में यह लिखा गया था कि कोई भी व्यक्ति प्रकाश नायक की टिकट कटने का एक भी कारण तो बतलाओ. लोगों ने कहा कि शहर का विकास नहीं हुआ है तो हमने पूछा की आपको किस तरह का विकास चाहिए. संजय कंपलेक्स का नव निर्माण के लिए 14 करोड रुपए की धनराशि आबंटित की जा चुकी है. हाईटेक बस स्टैंड के लिए स्थल चिन्हांकित किया जा चुका है. शहर की सभी सड़कों पर डामरीकरण किया जा चुका है. फ्लाई ऐश की डंपिंग पर विधायक के द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्न उठाया जा चुका है. 80 करोड रुपए की लागत से निर्मित कोतरा रोड फ्लाईओवर ब्रिज का लोकार्पण बगैर किसी ताम झाम के किया जा सकता है. विधायक प्रकाश नायक के ऊपर एक भी आरोप विपक्ष नहीं लग पाया है. पान दुकानों पर एकत्रित महा ज्ञानियो,हाथों में माइक आईडी थामें नव नवेले मीडिया कर्मियों के द्वारा ही प्रकाश नायक की टिकट कटने की जमकर अपवाह फैलाई जाती रही है. कल से यही मीडिया वाले प्रकाश नायक के दरबार में हाजिरी बजाते देखे जा सकते हैं. इधर कुछ मिला तो इधर उधर कुछ मिला तो उधर दौड़ते दिख जाएंगे.
वार्ड के पार्षद न बन पाने वाले लोग प्रकाश नायक की उम्मीदवारी को इस तरह से चुनौती दे रहे थे. मानो वे सभी प्रकाश नायक से ज्यादा सशक्त उम्मीदवार है. जबकि सत्य यह है कि इन लोगो को इनके घरवाले, परिजन,रिश्तेदार,,जान पहचान वाले,दोस्त,यार तक वोट न देवें.
हमने प्रकाश की एक तरफा टिकट पाने की बात कही थी.. जब रायगढ़ विधानसभा के सभी कांग्रेसी भाजपाई कार्यकर्ता प्रकाश नायक को टिकट न मिलने की अफवाह फैलाने में एवं स्वयं को दावेदार बतलाने में लगे हुए थे तब हमने सीना ठोक कर यह कहा था कि रायगढ़ विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में सिंगल नाम प्रकाश नायक का है. राम नाम सप्ताह, चंडी यज्ञ, जन्म, दशकर्म,नाटक, नौटंकी, डांस, क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, आदि कार्यक्रमों में जबरन का अपनी उपस्थिति दर्ज कर छोटे बड़े फ्लेक्स बोर्ड बोर्डिंग लगवा कर वॉल पेंटिंग के सहारे विधायक की टिकट प्राप्त नहीं की जा सकती. दिल्ली रायपुर बिलासपुर जाकर अपने पुराने संबंधों के सहारे क्या कोई भी टिकट पा सकता है. अचानक से विधायक पद के लिए अरुण गुप्ता का नाम सामने आना रायगढ़ के लिए आश्चर्य की बात है क्योंकि पिछले एक दशक से गुप्ता परिवार कांग्रेस कमेटी से बहुत दूर रहकर कमल के करीब होना प्रमाणित है.







