🎤टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ … अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के द्वारा अपने प्रतिष्ठित राज्य छत्तीसगढ़ में मिली पराजय के बाद दिल्ली में समीक्षा बैठक बुलाई गई. मगर समीक्षा बैठक से ज्यादा पूर्व कांग्रेसी विधायकों की तिलमिलाहट की वजह से समीक्षा बैठक पर किसी का ध्यान नहीं रहा. जहां एक ओर पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव के द्वारा भाजपा मंत्रिमंडल पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं एवं लगातार भाजपा के पक्ष में बयान बाजी कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा एवं टी एस सिंहदेव (बाबा) पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कांग्रेस खेमे में हलचल मचा दी. जिस वजह से कांग्रेस कमेटी के द्वारा बृहस्पत सिंह को नोटिस जारी करते हुए उक्त कथन का कारण स्पष्ट करने के लिए कहा गया है. वही छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री एवं कोरबा के पूर्व विधायक जय सिंह अग्रवाल ने मीडिया के सामने हार का ठीकरा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कार्यशैली पर फोड़ते हुए कोरबा जिले के कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के बाकायदा नाम लेते हुए मीडिया के सम्मुख बात कही गई.
बृहस्पत सिंह ने टी एस सिंहदेव (बाबा) को हीरो एवं कुमारी शैलजा को हीरोइन शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कुमारी शैलजा को उनके हाथों बिक जाना ठीक है अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया गया. जिसकी मिली जुली प्रतिक्रिया पूरे देश में हो रही है.
नोटिस जारी होने के बाद बृहस्पत सिंह का बयान सामने आया है. बृहस्पत सिंह ने कहा, मैं दिल्ली जा रहा हूं, हाईकमान के पास. जो मैं बयान दिया हूं, उसका पुख़्ता सबूत है मेरे पास. एक-एक शब्द सही है.





आगे बृहस्पत सिंह ने कहा, मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलूंगा, राहुल गांधी, सोनिया गांधी जी से मिलकर सबूत उनके हाथ में सौंपूंगा. जिसने ग़लत किया उसको यह नोटिस दिए होते तो सरकार नहीं जाती. गलत को गलत कहने पर नोटिस दिया गया है. इस तरह के गीदड़भभकी से डरने वाला नहीं हूं. पार्टी से बाहर निकालने की धमकी से नहीं डरूंगा, जो सच है वही कहूंगा. प्रदेश प्रभारी इसके लिए ज़िम्मेदार है.
