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🛑टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम न्यूज रायगढ़ लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस को एक के बाद एक लगातार झटके मिल रहे हैं। पूर्व विधायक चुन्नी लाल साहू और कांग्रेस ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष चोलेश्वर चंद्राकर कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के चंद घंटे के भीतर भाजपा में शामिल हो गए। किसान सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और विधायक अजय चंद्राकर ने भाजपा का गमछा पहनाकर पार्टी में शामिल किया।
चौलेश्वर चंद्राकर और चुन्नीलाल साहू ने आज ही अपना इस्तीफा पीसीसी चीफ को दिया था। चुन्नीलाल साहू ने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर भी दी है। उन्होंने लिखा है कि ‘कांग्रेस के समस्त दायित्यों और पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से रिजाइन कर दिया है। चुन्नीलाल साहू अकलतरा से 2013 में विधायक चुने गए थे। आपको बता दें कि चुन्नीलाल साहू पार्टी से नाराज चल रहे थे। हालंकि इससे पहले, विधानसभा चुनाव हार के बाद चुन्नीलाल साहू ने प्रदेश उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। 2018 विधानसभा चुनाव के दौरान चुन्नीलाल साहू ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा था,लेकिन उन्हें जीत नसीब नहीं हुई थी. सन 2018 के बाद चुन्नीलाल की स्थिति पर कटे परिंदे की तरह से हो गई थी. सन 2023 में उन्हें टिकट नहीं दी गई. कांग्रेस की तरफ से राघवेंद्र कुमार सिंह को टिकट दी गई थी जिन्होंने लगभग 22000 वोटो से जीत हासिल की थी. कांग्रेस में चुन्नीलाल की स्थिति एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह से रह गई थी. इसलिए उन्होंने अपनी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा की दासता स्वीकार कर ली. राजनीतिक सूत्र बतलाते हैं कि चुन्नीलाल के भाजपा में चले जाने से कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा. भाजपा के वोट जरूर कट जाएंगे. यही अनुमान चौलेश्वर चंद्राकर के बारे में भी लगाया जा रहा है. ये दोनों ना घर के रहे होंगे ना घाट के रहेंगे.







