छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चंद्रकांत शर्मा उर्फ टिल्लू शर्मा को बड़ी राहत देते हुए शर्तों के साथ अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा की एकलपीठ ने पारित किया।
मामला रायगढ़ जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां टिल्लू शर्मा के खिलाफ क्राइम नंबर 570/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 एवं 299 में एफआईआर दर्ज की गई थी।
क्या है पूरा मामला
प्रकरण के अनुसार, 30 अक्टूबर 2025 को आरोपी द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर आरोप लगाया गया कि वह छठ पर्व के खिलाफ आपत्तिजनक है। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
आवेदक की ओर से क्या दलील दी गई
आवेदक के अधिवक्ता ने न्यायालय में दलील दी कि —
- टिल्लू शर्मा पेशे से पत्रकार हैं
- उन्होंने छठ पर्व या किसी समुदाय के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की
- केवल पर्व से संबंधित सामान्य पोस्ट साझा की गई थी
- उन्हें झूठे और दुर्भावनापूर्ण तरीके से फंसाया गया है
- आवेदक परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी पीड़ित है
- रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है जिससे अपराध प्रथम दृष्टया सिद्ध हो
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत का विरोध किया गया।
कोर्ट का फैसला
मामले के तथ्यों, केस डायरी और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि —
“मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना, आवेदक को अग्रिम जमानत देना उचित है।”
इसके बाद कोर्ट ने टिल्लू शर्मा को अग्रिम जमानत प्रदान की।
जमानत की शर्तें
कोर्ट ने जमानत देते हुए निम्न शर्तें लगाई —
- किसी भी गवाह को धमकाने, प्रभावित करने या प्रलोभन देने का प्रयास नहीं करेंगे
- मामले की निष्पक्ष सुनवाई में कोई बाधा नहीं डालेंगे
- ट्रायल कोर्ट में प्रत्येक तारीख पर उपस्थित रहेंगे
- आरोपी एवं जमानती को आधार कार्ड व फोटो पहचान पत्र जमा करना होगा
- भविष्य में इसी तरह का कोई अपराध नहीं करेंगे



