टूटी कलम रायगढ़ जिले का ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित न्यूज वेब पोर्टल है. जिसके समाचारों का इंतजार प्रत्येक बुद्धिजीवी पाठक करते है. पत्रकारिता करना हमारा शौक है,जुनून है, दिनचर्या है, पागलपन है,कमजोरी है, लगन है, धुन है, ना कि पेट भरने का साधन है और ना ही धमकी चमकी देकर,वसूली,उगाही करने का लाइसेंस मिला हुआ है और ना ही किसी की चरण वंदना करना हमारा कर्तव्य है, संपादक टिल्लू शर्मा को निडर, निष्पक्ष, निर्भीक,बेबाक,बेखौफ दमदार,कलमकार, व्यंग्यकार, लेखक, विश्लेषक, कवि, कलम के मास्टरमाइंड, के रूप में पहचाना जाता है.जिनको परशुराम पुत्र, रावण भक्त, माता सरस्वती उपासक,चाणक्य,कबीर से प्रेरित कहलाना पसंद है.जलो मत बराबरी करो, जहां से लोगों की सोच खत्म होती है हमारी सोच वहां से शुरू होती है विज्ञापन का सहयोग भी लिया जाएगा, और मामला गंभीर होने पर समाचार भी लिखा जाएगा. शेर के पांव में कांटा चुभ जाने से कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते सत्यमेव जयते, सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं हमारा अगला लक्ष्य टूटी कलम (डिजिटल) होगा
🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज़ रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹…… सरकार एवं जिला प्रशासन का नियंत्रण नहीं होने की वजह से प्रत्येक मोबाइलधारी स्वयं को मीडिया से संबंधित सोचने लगा है। जिनके पास कोई काम नहीं है वे लोग कुछ हजार रुपए खर्च का स्वयं का वेब पोर्टल बना लेते हैं और हजार दो हजार रुपए में माइक खरीद कर मीडिया प्लेटफॉर्म पर आ जाते हैं और अधिकारियों, उद्योगपतियों, समाज सेवियों पर अपना रसूख झड़ने लगते हैं। किसी के भी अवैध कार्यों,जुआ,सट्टा, शराब,गांजा,कोयला,कबाड़ रेत, ठेकेदारो, जमीन कारोबारियो आदि तमाम तरह का कार्य करने वालो कि थोड़ी भी कमजोरी पाकर वीडियो बनाने पहुंच जाते हैं और वीडियो वायरल करने की धमकी, चमकी, देकर उगाही वसूली की जाती है। स्वयं का नाम एवं कार्य उजागर ना हो की वजह से लोग रुपए देकर पीछा छुड़ाने में अपनी भलाई समझते है। आते हुए धन की वजह से अति उत्साहित लोग बगैर किसी प्रमाणिकता के समाचार चलाकर अपनी टीआरपी,विवर,फॉलोवर्स बढ़ाने को अपनी शान समझते हैं। गूगल एनालिटिक्स के माध्यम से प्रतिदिन देखते रहते हैं कि उनके समाचारों को कितने लोगों ने देखा है। मगर इस तरह की टीआरपी निष्पक्ष, निर्भीक बेवाक,बेखौफ पत्रकारिता की पहचान नहीं होती है। आम जनता भड़काऊ मसालेदार,औचित्यहीन समाचारों को चटकारे लेकर पढ़ती है… कुछ दिनों पूर्व रायगढ़ पुलिस के द्वारा एक समाचार का खंडन किया गया था। मार्च 15 दिन के भीतर ही पुलिस के द्वारा दूसरे समाचार का खंडन किया गया है. जो मीडिया के स्तर का प्रामाणिक प्रमाण है. सूत्रों से मालूम हुआ है कि रायगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के द्वारा भ्रामक एवं औचित्यहीन समाचार चलाने वाले मीडिया कर्मी को तलब कर जमकर तड़ी दी गई एवं भविष्य में इस तरह के समाचारों से दूर रहने की मसीहत दी गई। मीडिया कर्मी के द्वारा पुलिस अधीक्षक से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए भविष्य में इस तरह का कृत्य नहीं करने का वचन दिया गया है।