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कुरमापाली में आरक्षक की दबंगई : ग्रामीण को बेरहमी से डण्डे से पीटा, सरकारी बोर तोड़कर गांव की रोकी प्यास, कोतरारोड थाने में शिकायत दर्ज
Crime
Raigarh News
Editorial
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14 April 2026
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिसिंग का एक नया चेहरा देखने को मिल रहा है। जब से एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कमान संभाली है, अपराधियों के हौसले पस्त हैं और आम जनता राहत महसूस कर रही है। लेकिन इसी विभाग के कुछ कर्मचारी अपनी कार्यप्रणाली से इस उज्ज्वल छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र के ग्राम कुरमापाली का है, जहां पुसौर थाने में पदस्थ एक आरक्षक ने एक ही रात में दो अलग-अलग घटनाओं को अंजाम देकर सनसनी फैला दी है। आरक्षक पर एक ग्रामीण के साथ मारपीट और शासकीय संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाने का गंभीर आरोप लगा है। आईए पूरा मामला…
पहली घटना: घर के सामने ग्रामीण को डंडे से पीटा
कोतरा रोड थाने में दर्ज आधिकारिक शिकायत के अनुसार, ग्राम कुरमापाली निवासी बद्रीका साहू (47 वर्ष) ने न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत के मुताबिक, 13 अप्रैल 2026 की रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे के बीच जब वे अपने घर के सामने बैठे थे, तभी पुसौर थाने में पदस्थ आरक्षक डोल नारायण साहू अपने साथियों (विवेकानंद साहू, संतोष साव, तेनाली साव व अन्य) के साथ वहां पहुँचा। आरोप है कि आरक्षक ने बिना किसी कारण के प्रार्थी और उनके परिवार को भद्दी गालियां देनी शुरू कर दीं। जब बद्रीका साहू ने इसका विरोध किया, तो आरक्षक ने वर्दी का धौंस दिखाते हुए डंडे से उनकी कमर पर 5-6 बार घातक वार किए।
इस हमले में प्रार्थी को गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बीच-बचाव करने आई प्रार्थी की पत्नी विशाखा साहू और बेटी वेदकुमारी के साथ भी धक्का-मुक्की कर उन्हें सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करते हुए उन्हें अपमानित किया गया। पीड़ित ने बताया कि आरक्षक की पत्नी गायत्री साहू वर्तमान में ग्राम पंचायत कुरमापाली की सरपंच हैं। इसी राजनीतिक रसूख और पद के प्रभाव का हवलदार डर दिखाता है। घटना वाली रात भी उसने प्रार्थी और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
दूसरी घटना: शासकीय बोर में तोड़फोड़
इस घटना का दूसरा पहलू और भी गंभीर है। ग्राम कुरमापाली के ग्रामीणों ने थाने में सामूहिक शिकायत दर्ज कराई है कि आरक्षक डोल नारायण साहू ने कथित तौर पर नशे की हालत में गांव की ‘नल-जल योजना’ को निशाना बनाया। आरोप है कि आरक्षक और उसके साथियों ने सार्वजनिक बोर के पाइपों को तोड़ दिया और विद्युत कनेक्शन के तारों को काटकर अलग कर दिया। भीषण गर्मी के इस दौर में सरकारी बोर क्षतिग्रस्त होने के कारण पूरे गांव की पानी की सप्लाई ठप्प हो गई है। ग्रामीण अब पानी की लिए संघर्ष कर रहे हैं।
थाने में शिकायत करने पहुंचा पीड़ित बद्रिका साहू जिसे आरक्षक ने पीटा है
ग्रामीणों का कहना है कि एक लोक सेवक, जिसका कर्तव्य सरकारी संपत्ति की रक्षा करना है, उसने स्वयं उसे नष्ट कर जनता को मूलभूत अधिकार से वंचित कर दिया है। ग्रामीणों ने इस पूरी घटना से संबंधित एक वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराया है, जिसमें तोड़फोड़ की घटना देखी जा सकती है। यह वीडियो अब पुलिस के पास जांच का अहम हिस्सा है।
आरक्षक के विरुद्ध सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त करने की शिकायत करने पहुंचे थाना ग्रामीण
क्या कहतें हैं नागवंशी
केलो प्रवाह ने जब इस पूरे गंभीर मामले पर प्रशिक्षु डीएसपी और कोतरारोड़ थाना प्रभारी अजय नागवंशी से चर्चा की तो उन्होंने कहा , – “फिलहाल मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। यह मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है और उनके निर्देशानुसार इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”