
नंबर वन की तरफ तेजी से बढ़ रहा *टूटी कलम समाचार* पत्रकारिता करना हमारा शौक है, जुनून है, आदत है, दिनचर्या है, कमजोरी है,लगन है,धुन है, पागलपन है ,पत्रकारिता करना हमारे पेट भरने का साधन नहीं है, और ना ही ब्लैकमेलिंग, धमकी,चमकी,देकर, विज्ञापन के नाम पर उगाही,वसूली करने का लाइसेंस मिला हुआ है, संपादक टिल्लू शर्मा लेखक, विश्लेषक, कवि,व्यंगकार,स्तंभकार, विचारक, माता सरस्वती का उपासक,परशुराम का वंशज,रावण भक्त,कबीर से प्रभावित,कलम का मास्टरमाइंड, सही और कड़वी सच्चाई लिखने में माहिर, जहां से लोगों की सोचना बंद कर देते है हम वहां से सोचना शुरू करते है, टिल्लू शर्मा के ✍️समाचार ज्यों नाविक के तीर,🏹 देखन म छोटे लागे, घाव करे गंभीर, लोगों की पहली पसंद टूटी कलम समाचार बन चुका है, सरकार एवं जिला प्रशासन का व्यवस्थाओं समस्याओं पर ध्यान आकर्षण करवाना हमारा पहला कर्तव्य है

टूटी कलम रायगढ़ …अघोरेश्वर भगवान राम के शिष्य भिक्षुक राम के महानिर्वाण दिवस पर आज अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा के पीठाधीश्वर पूज्य पाद बाबा प्रियदर्शी राम जी गौशाला स्थित मंदिर उनकी समाधि स्थल पर पहुंचे और पुष्पांजलि अर्पित कर वहां मौजूद शहर के गणमान्य लोगों को आर्शीवाद दिया। बाबा भिक्षुक राम को परम पूज्य अघोरेश्वर का सानिध्य हासिल रहा। भिक्षुक राम जी ने पूज्य अघोरेश्वर के सानिध्य में आत्मसाक्षात्कार हासिल किया। भिक्षुक राम जी साधना के दौरान बहुत सी जगहों पर भ्रमण पर रहे। रायगढ़ आगमन के दौरान उनके आग्रह पर गौशाला पारा पुलिस लाइन में छोटी कुटिया का निर्माण किया गया। यही पर पूज्यश्री ने साधना करते हुए सिद्धियों को हासिल किया जब परम पूज्य भिक्षुक बाबा के गुरुदेव परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम का महानिर्वाण हुआ उस समय भिक्षुक राम बनारस में थे। अघोरेश्वर के महा निर्माण के पश्चात 25 दिसंबर 1992 को उन्होंने जल समाधि ग्रहण कर ली पूज्य बाबा का निर्देश पर उनके पार्थिव शरीर को गंगा में प्रवाहित कर दिया गया। उनकी स्मृति रायगढ़ में एक समाधि स्थल का निर्माण कराया गया। प्रति वर्ष 25 दिसंबर के दिन उनके महानिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है यहां बाबा प्रियदर्शी राम का आगमन होता है और समाधि स्थल पर आस पास से आए श्रद्धालुओं को दर्शन देते है। उनके द्वारा निर्मित कुटिया आज भी उसी स्थान पर उसी स्वरुप में यथा वत है। कुटिया के अंदर बाबा की खटिया ,बिस्तर एवं चरण पादुका अभी भी सुरक्षित है। जिनका स्पर्श कर भक्त अपने आप को धन्य समझते हैं। कुटिया में प्रतिदिन संध्या 7 से 7:30 बजे के बीच संध्या बत्ती नियमित रूप से की जाती है।समाधि स्थल पर बाबा प्रियदर्शी राम का आगमन प्रातः 10.30 हुआ। भगवान शिव का जला भीषेक के बाद पूज्य पाद ने बाबा भिक्षुक राम जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपने हाथों से प्रसाद बांटकर महा भंडारे का शुभारंभ किया।









