रायगढ़ जिले का बहुचर्चित लोकप्रिय सर्वाधिक पढ़े जाने वाला नंबर वन की तरफ तेजी से बढ़ रहा *टूटी कलम समाचार* पत्रकारिता करना हमारा शौक है, जुनून है, आदत है, दिनचर्या है, कमजोरी है,लगन है,धुन है, पागलपन है ,पत्रकारिता करना हमारे पेट भरने का साधन नहीं है, और ना ही ब्लैकमेलिंग, धमकी,चमकी,देकर, विज्ञापन के नाम पर उगाही,वसूली करने का लाइसेंस मिला हुआ है, संपादक टिल्लू शर्मा लेखक, विश्लेषक, कवि,व्यंगकार,स्तंभकार, विचारक, माता सरस्वती का उपासक,परशुराम का वंशज,रावण भक्त,कबीर से प्रभावित,कलम का मास्टरमाइंड, सही और कड़वी सच्चाई लिखने में माहिर, जहां से लोगों की सोचना बंद कर देते है हम वहां से सोचना शुरू करते है, टिल्लू शर्मा के ✍️समाचार ज्यों नाविक के तीर,🏹 देखन म छोटे लागे, घाव करे गंभीर, संघर्ष और विरोध जितना अधिक होगा सफलता उतनी शानदार होगी, टिल्लू शर्मा नाम ही काफी है तुम अपनी जलन बरकरार रखो हमारा जलवा बरकरार रहेगा, इलाका किसी का भी हो धमाका हमारा ही होगा, हम तक पहुंचने के लिए अपनी लाइन बड़ी करनी पड़ेगी, शेर के पांव में कांटा चुभ जाने पर कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते हैं.✍️✍️✍️
🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ छत्तीसगढ़ 🌍………………दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में चोरी के एक गंभीर मामले ने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जब्त किए गए सोने के जेवरों के गबन के आरोप में बर्खास्त महिला प्रधान आरक्षक मोनिका सोनी गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ गबन का अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।मामले की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि चोरी प्रकरण में जब्त सोने की ज्वेलरी सुरक्षित अभिरक्षा में न होकर गबन कर ली गई थी। विस्तृत जांच में तथ्य सामने आए कि उक्त जेवरों का दुरुपयोग स्वयं मोनिका गुप्ता ने किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया और विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
मोनिका गुप्ता का नाम इससे पूर्व भी विभागीय जांच में सामने आ चुका है। जानकारी के अनुसार, उसने एक व्यक्ति से उसकी बेटी को नौकरी दिलाने के नाम पर अवैध राशि वसूल की थी। आरोप प्रमाणित होने पर विभागीय जांच में उसे दोषी पाया गया और सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।उसे आरोप पत्र एवं अंतिम स्मरण पत्र जारी किए गए, लेकिन उसने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसके कृत्य को गंभीर कदाचार मानते हुए पुलिस सेवा के लिए अयोग्य घोषित किया गया था। पहले विभागीय कार्रवाई और अब आपराधिक प्रकरण – दोनों में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। घटना ने एक बार फिर पुलिस महकमे में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।फिलहाल, मामले की आगे की जांच जारी है।




