रायगढ़ जिले का बहुत चर्चित लोकप्रिय सर्वाधिक पढ़े जाने वाला नंबर वन की तरफ तेजी से बढ़ रहा *टूटी कलम समाचार* पत्रकारिता करना हमारा शौक है, जुनून है, आदत है, दिनचर्या है, कमजोरी है,लगन है,धुन है, पागलपन है ,पत्रकारिता करना हमारे पेट भरने का साधन नहीं है, और ना ही ब्लैकमेलिंग, धमकी,चमकी,देकर, विज्ञापन के नाम पर उगाही,वसूली करने का लाइसेंस मिला हुआ है, संपादक टिल्लू शर्मा लेखक, विश्लेषक, कवि,व्यंगकार,स्तंभकार, विचारक, माता सरस्वती का उपासक,परशुराम का वंशज,रावण भक्त,कबीर से प्रभावित,कलम का मास्टरमाइंड, सही और कड़वी सच्चाई लिखने में माहिर, जहां से लोगों की सोचना बंद कर देते है हम वहां से सोचना शुरू करते है, टिल्लू शर्मा के ✍️समाचार ज्यों नाविक के तीर,🏹 देखन म छोटे लागे, घाव करे गंभीर, संघर्ष और विरोध जितना अधिक होगा सफलता उतनी शानदार होगी, टिल्लू शर्मा नाम ही काफी है तुम अपनी जलन बरकरार रखो हमारा जलवा बरकरार रहेगा, इलाका किसी का भी हो धमाका हमारा ही होगा, हम तक पहुंचने के लिए अपनी लाइन बड़ी करनी पड़ेगी, शेर के पांव में कांटा चुभ जाने पर कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते हैं.✍️✍️✍️
रायगढ़। खरसिया विकासखंड के बानीपाथर गांव में स्थित मंगल कार्बन टायर प्लांट में गुरुवार को एक गंभीर औद्योगिक हादसा हो गया। प्लांट में लगे दो बॉयलरों में से छोटे बॉयलर में अचानक हुए विस्फोट में 6 महिला-पुरुष श्रमिकों सहित एक 6 माह की मासूम बच्ची बुरी तरह झुलस गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार घटना सुबह 10 बजे की बताई जा रही है घटना की सूचना मिलने पर घायलों को तत्काल खरसिया से रायगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिंदल अस्पताल भेज दिया गया। स्थिति काबू नहीं होने पर सभी घायलों को रायपुर रेफर कर दिया गया। घायलों में इंदेवर सारथी, प्रिया सारथी निवासी ठाकुर दीया, खरसिया, साहबलाल खड़िया, कौशल पटेल, शिव खड़िया, भूमि खड़िया एवं उदासिनी खड़िया निवासी राजघट्टा, खरसिया शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि यह प्लांट खरसिया निवासी अविनाश गर्ग का है, जहां पुराने टायरों को पिघलाकर उससे कार्बन निकाला जाता है। इस कार्बन का उपयोग डामर बनाने और तेल का उपयोग सड़क पर छिड़काव के लिए किया जाता है, जबकि बचा हुआ लोहे का तार कबाड़ के रूप में बेचा जाता है। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि प्लांट में मजदूरों की सुरक्षा के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। प्लांट अधिनियम के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है और बिना पीएफ व ईएसआईसी के श्रमिकों से काम कराया जा रहा है। मंगल कार्बन टायर प्लांट में भी दर्जनों श्रमिक काम करते हैं नियमानुसार उनका गेटपास, सुरक्षा किट, दुर्घटना बीमा, बनाया जाना चाहिए लेकिन इस प्लांट में ऐसी कोई व्यवस्था श्रमिकों को नहीं दी गई है। हादसे के बाद प्रशासन और श्रम विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।





