🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ छत्तीसगढ़ 🌍… पुलिस उप महानिरीक्षक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के आने के बाद जिस तरह से कबाड़,सट्टा,शराब,देह व्यवसाय पर कार्रवाई हो रही है।उससे आम जनता स्वयं को सुरक्षित महफूज समझने लगी है। जिस्मफरोशी के जिन चकला घरों में कभी कार्रवाई नहीं हुई तो अचानक से हो रही कार्रवाई को लेकर लोगों के मन में एक प्रश्न तैर रहा है कि आखिर जिन थाना क्षेत्रों में एक डेढ़ दशक से बिना किसी कार्रवाई के सुचारू रूप से चल रहे थे तो क्या वे चकला घर,सट्टा, शराब,गांजा, कबाड़ के व्यवसाय बगैर पुलिस की जानकारी के संचालित हो सकते थे। कोई भी अपराध और अपराधी बगैर पुलिस की मिली भगत से हो ही नहीं सकता। जो पुलिस वाले अजगर की तरह पड़े हुए थे वे अब बाज की तरह झपट्टा मारने लगे हैं।
अब रायगढ़ पुलिस अधीक्षक को खुले में शराब पीने वालो पर, होटल एवं ढाबों में परोसी जाने वाली शराब, स्पा एवं मसाज पार्लर की आड़ में हो रहे देह व्यवसाय, रात में बेवजह घूमने वालों, क्रिकेट सटोरियो, अनफिट ट्रेलरो,ट्रकों, फ्लाई एस का अवैध डंपिंग, मोडिफाइड साइलेंसर के वाहनों, ड्राइविंग लाइसेंस चेकिंग, हेलमेट, 3 सवारी मोबाइल फोन पर बात, नाबालिकों का वाहन चालन, सीट बेल्ट सभी पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश सभी थाना प्रभारियो को देने चाहिए।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गौ वंश के तस्करी करने वाले केवल हाकर है जो गौवंश को लाठी से हांकते हुए नियत स्थान तक पहुंचाते हैं। जबकि यह कार्य यूपी बिहार से आए हुए कुछ लोगों के द्वारा किया जाता है और थोड़े बहुत पैसे देकर हाकरों से अपना उल्लू सीधा करवा रहे हैं। ये गौ तस्कर जिले के सभी थानों में बैठे पे जा सकते हैं। हाकरो का काम गोवंश को बॉर्डर पर करवाने तक का रहता है। जिसके बाद निरीह पशुओं को बूचड़खाने में बेचने का काम गौ सेवक,गौ तस्कर लोगो का होता है। हावभाव कपड़ों से ये लोग स्वयं को समाजसेवी साबित कर पुलिस को मूर्ख बनाने में सफल होते हैं। गौ तस्करी के समय अनेक बार ग्रामीणों से हाकरों के बीच विवाद होता रहता है। जिसे गौ तस्करों के द्वारा समझाइस बुझाईस देकर मामले को शांत करवाने में सफल रहते हैं। यदि पुलिस पकड़े जाने वाले हाकरो से अपने तरीके से कड़ाई से पूछताछ करें तो कुछ समाजसेवियो गौ प्रेमियों, गौ सेवको के नाम सामने आ सकते हैं।
आम जनता से मधुर व्यवहार, सोशल पुलिसिंग, मीडिया मैनेजमेंट के द्वारा पुलिस को आशातित सफलता मिलने से कोई नहीं रोक सकता। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह इन मामलों में मंजे हुए कप्तान है। शशि मोहन सिंह लोकप्रियता के मामले में पूर्व पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह से काफी आगे निकल जाएंगे क्योंकि रायगढ़ में जिस तरह से ताबड़तोड़ कार्रवाई देखने को मिल रही है वह शायद किसी भी पुलिस अधीक्षक के कार्यकाल में देखने को नहीं मिली है।




