🔱दिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹.. रायगढ़ जिले से सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला अलग होने के बाद रायगढ़ जिले में पुलिस थानों एवं चौकियों की संख्या लगभग आधी हो गई है। बावजूद इसके जिले में स्थान एवं चौकियों का प्रदर्शन उम्दा नहीं रहा। जुट मिल थाना निरीक्षक, नगर कोतवाल ने प्रथम एवं द्वितीय स्थान बनाया है तो वहीं निरीक्षकों को टक्कर देते हुए। लैलूंगा थाना के थानेदार उप निरीक्षक गिरधारी साव ने पशु तस्करो पर कार्रवाई करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त कर लिया है। चक्रधर नगर, कोतरा रोड,पूंजीपथरा, भूपदेवपुर,खरसिया,घरघोड़ा,आदि थाने कमाउ के साथ ही कोयला,कबाड़ धान, गांजा, जुआ, सट्टा गांजा, शराब के अवैध अनैतिक, कारोबार के लिए जाने पहचाने जाते हैं. इन थानों के द्वारा यदि प्रतिदिन एक कार्रवाई भी ईमानदारी से कर दी जाए तो थानेदारों में पुरस्कार पाने की प्रतिस्पर्धा बन जाएगी. अवैध गतिविधियों की तरफ से मुंह मोड़ लेने पर लक्ष्मी अवश्य आ सकती है परंतु सम्मान प्राप्त नहीं किया जा सकता. ऊर्जावान पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह चाहिए कि वे प्रतिदिन आधा समय जिले के थानों ,चौकियों का अप्रत्याशीत निरीक्षण करें एवं सभी थाना प्रभारी को टाइट पुलिसिंग करने के आदेश देवें साथ ही कर्तव्य में कोताही बरतने वाले थानेदारों पर लाइन अटैच की कार्यवाही सुनिश्चित करें. जिस तरह से अपराधियों अवैध अनुसूची कारोबार करने वालों के मन में पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नाम का खौफ बन चुका है। इसी तरह का खौफ पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के मन में होना चाहिए. जिस दिन ऐसा हो जाएगा तो समझो जिले में अपराधों का ग्राफ बहुत अधिक नीचे आ जायेगा। जिसे दो दशक के सबसे निचले स्तर पर आ जाने का विश्वास है.
🚨माह फरवरी की थाना-वार समीक्षा, अपराध पर कार्रवाई में जूटमिल, कोतवाली और लैलूंगा रहे अग्रणी ™️🚨 ओवरऑल प्रदर्शन में जूटमिल प्रथम, कोतवाली द्वितीय और लैलूंगा तृतीय स्थान पर ™️🚨 उत्कृष्ट कार्य करने वाले थाना प्रभारियों को एसएसपी ने दिया पुरस्कार, कमजोर प्रदर्शन पर सुधार के निर्देश ™️
पुलिस थाने: अजाक थाना, कापू थाना, कोतरा रोड थाना, खरसिया थाना, घरघोड़ा थाना, चक्रधरनगर थाना, छाल थाना ,जुटमिल थाना, तमनार थाना, धरमजयगढ़ थाना, पुसौर थाना, पूंजीपथरा थाना, भूपदेवपुर थाना, यातायात थाना, लैलूंगा थाना
चौकियां: खरसिया चौकी, जोबी चौकी, रैरुमा चौकी
रायगढ़, 28 फरवरी 2026* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने माह फरवरी 2026 में जिले के समस्त थाना एवं चौकियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर थाना-वार रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। समीक्षा में अपराध पंजीयन एवं निराकरण, शिकायतों का निकाल, मर्ग प्रकरण, गुम इंसान की दस्तयाबी, माइनर एक्ट, आबकारी एक्ट, जुआ-सट्टा, पशु क्रूरता, एनडीपीएस एक्ट, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, समंस-वारंट की तामिली तथा विभिन्न पुलिस पोर्टलों में प्रविष्टियों की स्थिति का आकलन किया गया। बीती रात्रि आयोजित वर्चुअल बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी एवं थाना/चौकी प्रभारियों को संबोधित करते हुए एसएसपी ने प्रत्येक थाने का रिपोर्ट कार्ड पढ़कर सुनाया। संतोषजनक कार्य करने वालों की सराहना की गई, जबकि अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों को कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से निचले क्रम में रहे थाना प्रभारियों के नाम उल्लेखित कर उन्हें आगामी माह में बेहतर परिणाम देने हेतु सचेत किया गया। समीक्षा के दौरान माह फरवरी में अपराध निकाल में जूटमिल, कोतवाली और लैलूंगा थाना अग्रणी रहे। शिकायत निकाल में घरघोड़ा, कोतवाली और जूटमिल आगे रहे। मर्ग प्रकरणों के निराकरण में लैलूंगा, चक्रधरनगर और कोतवाली तथा गुम इंसान की दस्तयाबी में कोतरारोड़ और जूटमिल थाना उल्लेखनीय रहे। आबकारी एक्ट और जुआ एक्ट की कार्रवाई में कोतरारोड़ और जूटमिल की सक्रियता रही, जबकि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई में जूटमिल, तमनार और पूंजीपथरा तथा वारंट तामिली में लैलूंगा, कोतवाली और जूटमिल अग्रणी रहे। ओवरऑल प्रदर्शन में प्रथम स्थान थाना जूटमिल, द्वितीय स्थान थाना कोतवाली और तृतीय स्थान थाना लैलूंगा को प्राप्त हुआ। उत्कृष्ट कार्य के लिए थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल तथा थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव को नगद पुरस्कार प्रदान कर उत्साहवर्धन किया गया। अन्य मदों में संतोषप्रद कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रशंसा पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी शशि मोहन का संदेश–एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि रायगढ़ पुलिस अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करेगी। उन्होंने निर्देशित किया कि बदमाशों में पुलिस का प्रभाव स्पष्ट दिखना चाहिए तथा कोई भी पुलिसकर्मी ऐसा आचरण न करे जिससे विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।




