🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹 पिछले दिनों खरसिया के ग्राम परसाकोल में हुए ग्रामीण युवक अनिल चौहान की हत्या के बाद संदिग्ध के रूप में रमेश चौहान को थाने लाया गया था। जानकार सूत्रों के अनुसार खरसिया थाने में पुलिस के द्वारा रमेश चौहान के साथ जमकर मारपीट की गई थी। जिस वजह से उसकी हालत बिगड़ने पर उसे खरसिया सिविल अस्पताल ले जाया गया था जहां उसकी बिगड़ती हालत देखते हुए डॉक्टर ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया था। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रमेश की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर रायपुर रिफर कर दिया था. रमेश चौहान की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय मीडिया ने चंद रुपए लेकर थाना प्रभारी राजेश जांगड़े की शान में तारीफों के पुल बांध दिए थे। अनिल चौहान की हत्या की जांच फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वाड साइबर सेल की द्वारा की गई थी। मगर मीडिया वालों ने सफलता का कारण थाना प्रभारी को बताया गया था। पुलिस कस्टडी में पुलिस मारपीट के दौरान रमेश चौहान की तबीयत बिगड़ गई थी।
*मृतक रमेश चौहान प्रकरण में ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश*
खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसकोल में मृतक रमेश चौहान की मृत्यु के संबंध में ग्रामीणों द्वारा गुरुवार को एसडीएम कार्यालय खरसिया एवं नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया गया। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 मार्च 2026 को ग्राम परसकोल के लगभग 150-200 ग्रामीण शाम करीब 4:30 बजे एसडीएम कार्यालय खरसिया पहुंचे और मृतक रमेश चौहान की मृत्यु को लेकर नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों का आरोप था कि रमेश चौहान की मृत्यु पुलिस द्वारा प्रताड़ना के कारण हुई है। ग्रामीणों द्वारा लगभग शाम 7 बजे तक एसडीएम कार्यालय परिसर में नारेबाजी की गई।
इसके पश्चात सभी ग्रामीण ग्राम बोतल्दा चौक स्थित नेशनल हाईवे पर पहुंचकर मुख्य मार्ग पर बैठ गए, जहां उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200-250 हो गई। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक उमेश नंद कुमार पटेल भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे। ग्रामीणों द्वारा मृतक रमेश चौहान की मृत्यु के संबंध में विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच कराने, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा एवं शासकीय नौकरी प्रदान करने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
मौके पर उपस्थित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा एसडीएम खरसिया द्वारा ग्रामीणों को समझाइश दी गई। प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद सभी ग्रामीण मुख्य मार्ग से हटकर अपने-अपने ग्राम परसकोल लौट गए। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी।
प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए रमेश चौहान की मृत्यु की मजिस्ट्रियल जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही मृतक के परिजन को कलेक्टर दर पर शासकीय सेवा में रखने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इसके अतिरिक्त मामले में थाना प्रभारी सहित संबंधित दो पुलिसकर्मियों विसोप सिंह एवं योगेश साहू को लाइन अटैच करने की कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी तथा जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
*मृतक रमेश चौहान प्रकरण में ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश*
रायगढ़, 6 मार्च 2026। खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसकोल में मृतक रमेश चौहान की मृत्यु के संबंध में ग्रामीणों द्वारा गुरुवार को एसडीएम कार्यालय खरसिया एवं नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया गया। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 मार्च 2026 को ग्राम परसकोल के लगभग 150-200 ग्रामीण शाम करीब 4:30 बजे एसडीएम कार्यालय खरसिया पहुंचे और मृतक रमेश चौहान की मृत्यु को लेकर नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों का आरोप था कि रमेश चौहान की मृत्यु पुलिस द्वारा प्रताड़ना के कारण हुई है। ग्रामीणों द्वारा लगभग शाम 7 बजे तक एसडीएम कार्यालय परिसर में नारेबाजी की गई।
एनएच 49 पर चल रहे चक्का जाम के दौरान खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी व एसडीओपी प्रभात पटेल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और विधायक उमेश पटेल के साथ उन्होंने चर्चा की। विधायक उमेश पटेल ने ग्रामीणों की मांग से उन्हें अवगत कराते हुए बताया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा एवं मृतक रमेश चौहान की पत्नी को कलेक्टर दर पर नौकरी दिये जाने को लेकर आवेदन सौंपा। इस पर एसडीएम प्रवीण तिवारी ने मृतक की पत्नी को नौकरी व मुआवजा संबंधित आवेदन उच्च अधिकारियों तक पहुंचा कर शीघ्र निराकरण करवाने तथा घटना की मजिस्ट्रियल जांच करवाने के लिए आश्वस्त किया। वहीं पुलिस विभाग की ओर से भी खरसिया थाना प्रभारी को लाईन अटैच करने का आश्वासन दिया गया, तब कहीं जाकर चक्का जाम समाप्त हो सका और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
इसके पश्चात सभी ग्रामीण ग्राम बोतल्दा चौक स्थित नेशनल हाईवे पर पहुंचकर मुख्य मार्ग पर बैठ गए, जहां उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200-250 हो गई। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे। ग्रामीणों द्वारा मृतक रमेश चौहान की मृत्यु के संबंध में विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच कराने, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा एवं शासकीय नौकरी प्रदान करने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
मौके पर उपस्थित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा एसडीएम खरसिया द्वारा ग्रामीणों को समझाइश दी गई। प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद सभी ग्रामीण मुख्य मार्ग से हटकर अपने-अपने ग्राम परसकोल लौट गए। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी।
प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए रमेश चौहान की मृत्यु की मजिस्ट्रियल जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही मृतक के परिजन को कलेक्टर दर पर शासकीय सेवा में रखने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इसके अतिरिक्त मामले में थाना प्रभारी सहित संबंधित दो पुलिसकर्मियों विसोप सिंह एवं योगेश साहू को लाइन अटैच करने की कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी तथा जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


