टूटी कलम रायगढ़ जिले का ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित न्यूज वेब पोर्टल है. जिसके समाचारों का इंतजार प्रत्येक बुद्धिजीवी पाठक करते है. पत्रकारिता करना हमारा शौक है,जुनून है, दिनचर्या है, पागलपन है,कमजोरी है, लगन है, धुन है, ना कि पेट भरने का साधन है और ना ही धमकी चमकी देकर,वसूली,उगाही करने का लाइसेंस मिला हुआ है और ना ही किसी की चरण वंदना करना हमारा कर्तव्य है, संपादक टिल्लू शर्मा को निडर, निष्पक्ष, निर्भीक,बेबाक,बेखौफ दमदार,कलमकार, व्यंग्यकार, लेखक, विश्लेषक, कवि, कलम के मास्टरमाइंड, के रूप में पहचाना जाता है.जिनको परशुराम पुत्र, रावण भक्त, माता सरस्वती उपासक,चाणक्य,कबीर से प्रेरित कहलाना पसंद है.जलो मत बराबरी करो, जहां से लोगों की सोच खत्म होती है हमारी सोच वहां से शुरू होती है विज्ञापन का सहयोग भी लिया जाएगा, और मामला गंभीर होने पर समाचार भी लिखा जाएगा. शेर के पांव में कांटा चुभ जाने से कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते सत्यमेव जयते, सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं हमारा अगला लक्ष्य टूटी कलम (डिजिटल) होगा
🔱चंद्रकांत (टिल्लू) शर्मा ✒️ टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹.. यह केवल रायगढ़ के लिए नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि रायगढ़ जिला मुख्यालय से महज 17 किलोमीटर की दूरी पर सन 2012 में नेशनल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना हुई थी। सन 2019 में जिसमें कोयल से 800 मेगावाट विद्युत उत्पादन करना शुरू किया गया था। इसके बाद सन 2020 में 800 मेगावाट की एक और यूनिट शुरू की गई। इस तरह से 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन का कार्य शुरू हो गया और देखते ही देखते लारा एनटीपीसी प्रगति के मार्ग पर चल पड़ा। भविष्य में 1600 मेगावाट 1600 मेगावाट की दो यूनिट शुरू हो जाएगी और एनटीपीसी लारा देश का सर्वाधिक विद्युत उत्पादक बन जाएगा। इस उद्योग में 4800 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा
प्रेस वार्ता के दौरान दी गई जानकारी.. एनटीपीसी लारा के द्वारा अपने साल भर का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के लिए लारा प्लांट के मैत्रि नगर स्थित केलो भवन में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई थी। जिसमें रायगढ़ शहर के अतिरिक्त दूर दराज के गांव से भी मीडिया कर्मी उपस्थित हुए थे। सबसे पहले एनटीपीसी के अधिकारियों ने अपना परिचय दिया एवं मीडिया वालों से परिचय प्राप्त किया। अधिकारियों ने मीडिया वालों से जानकारी साझा करते हुए बताया कि एनटीपीसी के द्वारा उत्पादित बिजली का 50% हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य के लिए सुरक्षित किया जाएगा एवं शेष 50% बिजली अन्य राजयो को दी जाएगी। जिस वजह से छत्तीसगढ़ में बिजली का संकट उत्पन्न नहीं होगा। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाता है एवं विशेष स्किल के लिए स्थानीय स्तर पर कर्मचारी नहीं मिलने पर दिगर प्रांतो के लोगों को अवसर दिया जाता है. अधिकारी ने जानकारी दी थी उद्योग प्रबंधन मजदूरों की सुरक्षा की तरह विशेष ध्यान देता है और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाते हैं। जिस वजह से एनटीपीसी में गंभीर दुर्घटना नहीं होती है। एनटीपीसी के द्वारा रायगढ़ के अतिरिक्त अन्य जिलों में भी आर्थिक सहायता देकर विकास के कार्य करवाए जाते हैं। शिक्षा स्वास्थ्य पर एनटीपीसी विशेष ध्यान देता है। रायगढ़ की जीवन दायिनी केलो नदी की साफ सफाई के लिए सीएसआर मद से 30 करोड़ रुपए दी गए है एवं नालंदा परिसर के लिए लगभग 47 करोड रुपए दिए गए हैं। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज जिला चिकित्सालय के लिए भी करोड़ो की धनराशि दी गई है। एनटीपीसी के द्वारा फलाई ऐश निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाता है एवं फ्लाइएश परिवहन में लगे वाहनों की मॉनिटरिंग जीपीएस सिस्टम से किया जाता है। प्रदूषण न हो इसके लिए उद्योग में ई इस पी चालू रखी जाती है।हरियाली एवं पर्यावरण के लिए जागरूकता के माध्यम से आसपास के पूरे क्षेत्र में युद्ध स्तर पर पौधे लगाए जाते हैं। बौद्धिक विकास के लिए दसवीं एवं 12वीं क्लास के बच्चों को प्लांट के कालोनी परिसर में रखकर उच्च स्तरीय शिक्षा के माध्यम से योग्य बनाया जाता है। सुभाष ठाकुर ने बताया कि एनटीपीसी पावर प्लांट के लिए एनटीपीसी की कोल माइंस तलाईपाली से कोयला की आपूर्ति होती है। एक यूनिट बिजली उत्पादन में लगभग 3 लीटर पानी खर्च होता है। जिसे आने वाले समय में और कम करने पर कार्य किया जा रहा है. पानी की आपूर्ति पाइपलाइन के माध्यम से साराडीह बैराज से किया जाता है . पत्रकार वार्ता के अंत में आगंतुक पत्रकारों के लिए लजीज भोजन की व्यवस्था की गई थी । एक अनुमान के अनुसार लारा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनटीपीसी के अधिकारीHOP: Shri Subhash Thakur
GM (O&M): Shri Keshav Chandra Singha Roy
GM (Opn & FM): Shri Ashok Kumar Mishra
HoHR: Shri Jakir Khan एवं रायगढ़ से लगभग 100 पत्रकार उपस्थित हुए थे।




