दवाई दुकान,हार्डवेयर,राशन दुकानों में खुलेआम बिक रहे अति घातक रसायन
प्रायः अल्कोहल को शराब के रूप में जाना जाता है। जिसकी बिक्री सरकार के माध्यम से किया जाता है और भरपूर राजस्व प्राप्त कर सरकार नई नई योजनाओं पर खर्च कर प्रदेश को समृद्धि प्रदान की जाती है।
सरकार कोरोना काल मे बहुत बड़ी गलती कर बैठी। इस विपदा काल मे 85% अल्कोहलयुक्त सेनेटाइजर की अरबो ₹ की खरीदी बिक्री दवा दुकानदारों,हार्डवेयर, राशन विक्रेता,मनिहारी समानों आदि के विक्रेताओं ने कर करोड़ो ₹ की कमाई कर डाली है। होना तो यह चाहिए कि अल्कोहल से लबालब सेनेटाइजर की बिक्री आबकारी मंत्रालय की गाइडलाइन से शराब दुकानों के मार्फत ही बेचे जाने चाहिए। जितनी कमाई आबकारी मंत्रालय ने शराब बेचकर प्राप्त की है। उससे कही ज्यादा कमाई सेनेटाइजर बेचकर की जा सकती थी। 450 ₹ में बिकने वाले सेनेटाइजर को 3000/-₹ तक मे बेचे गये है। पिकअप वाहन में आये सेनेटाइजर अनलोडिंग से पहले ही बगैर बिल के बिक जा रहे थे। ऐसा नही है कि औषधि विभाग को इस गोरखधंधे की जानकारी नही है परन्तु देश के विपदा काल मे कालाबाजारी करने वालो का साथ दे कर इस विभाग ने भी मोटा माल हजम कर डाला है। बगैर बिल आये माल की बगैर बिल के बेच कर लाखो ₹ की जी एस टी की चोरी भी की गई है। सरकार की छोटी सी चूक के कारण आबकारी विभाग के मार्फत कमाये जा सकने वाले अरबो ₹ का नुकसान कर लिया गया है। बरहाल अभी भी समय है कि उक्त विशुद्ध अल्कोहल सेनेटाइजर को शराब दुकानों से ही बेचा जाये।








