रायगढ़—-इन दिनों साइबर क्रिमिनलो ने आई ए एस एवं आई पी एस अधिकारियो की फेसबुक आई डी बनाकर लोगो से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर,रुपये की मांग करना बतलाया जा रहा है। जो कि एक गम्भीर मामले के साथ बचकानी हरकत कही जा सकती है क्योंकि इतने बड़े सर्व साधन उपलब्ध वाले आला अधिकारी किसी से रुपयों की क्यो मांग करेंगे।
रायगढ़ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह की छवि साफ सुथरे,समाजसेवी,जनसेवक अधिकारी के रूप में जानी पहचानी जाती है। जहां उनके द्वारा चलाये गये कोरोना के विरुद्ध चलाये गये अभियान “एक रक्षा सूत्र मास्क की” ने विश्वस्तर पर सुर्खियां बंटोरी है तो वहीं बाढ़ पीड़ितों के सहायतार्थ चलाये जा रहे “संवेदना कैम्पेन” अभियान की तारीफ राजनीतिक गलियारों में भी की जा रही। जिसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सराहा है। संतोष सिंह चाहते तो ब्रजराजनगर के पूर्व विधायक अनूप मंडल जो कि दोहरे हत्याकांड में जेल में निरूद्ध है । उससे मुंहमांगी रकम लेकर केस को कमजोर बनवा सकते थे तो करोड़पति निगागनिया पिता पुत्र से जेल न भेजने के नाम पर लाखो रुपये ले सकते थे। जिले भर में शराब,कोयला,रेत,लकड़ी,राशन,सट्टा,भूमाफिया आदि सक्रिय है। जिन पर कोई कार्यवाही न कर बैठे बैठे करोड़ो रूपये नजराना मिल सकता है परन्तु अपराधियो के हौसले तेज तर्रार संतोष सिंह के आगे पस्त हो गये है।
फिर इन साइबर क्राइम करने वालो ने इनकी नकली फेसबुक आई डी बनाकर इनको चुनौती दे डाली जो कि उनके लिए बहुत बड़ी गलती है। बहुत जल्द ही आरोपियों की गर्दन पर रायगढ़ पुलिस के हाँथ होंगे। इसमे कोई किंतु,परन्तु की बात नही है।कुछ ऐसा ही मामला चक्रधरनगर थाना प्रभारी विवेक पाटले के साथ हुआ है। जिससे यह तो तय हो गया कि अब आरोपियों की खैर नही है क्योंकि की पुलिस के हाँथ बहुत लंबे होते है। बकरे की अम्मा कब तक खैर मनायेगी।







