• Home
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • टूटी कलम विशेष
  • आध्यात्मिक
  • खेलकूद
  • विविध खबरें
  • व्यापार
  • सिनेमा जगत
  • हेल्थ
  • संपर्क
Sunday, August 9, 2026
  • Login
टूटी कलम
Advertisement
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • टूटी कलम विशेष
  • आध्यात्मिक
  • खेलकूद
  • विविध खबरें
  • व्यापार
  • सिनेमा जगत
  • हेल्थ
  • संपर्क
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • टूटी कलम विशेष
  • आध्यात्मिक
  • खेलकूद
  • विविध खबरें
  • व्यापार
  • सिनेमा जगत
  • हेल्थ
  • संपर्क
No Result
View All Result
टूटी कलम
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • टूटी कलम विशेष
  • आध्यात्मिक
  • खेलकूद
  • विविध खबरें
  • व्यापार
  • सिनेमा जगत
  • हेल्थ
  • संपर्क

शुक्रवार से सोमवार तक साप्ताहिक अवकाश पर रहते है अधिकारी,बुध एवं गुरु को ही मिलते है दफ्तर में

CHANDRAKANT TILLU SHARMA by CHANDRAKANT TILLU SHARMA
19th October 2020
0
0
SHARES
0
VIEWS
Advertisement

माह में 8-10 दिन ही कार्य कर मोटी तनख्वाह लेकर सरकार को लगा रहे है चूना

रायगढ़———- आमतौर पर साप्ताहिक अवकाश रविवार को ही होता है परन्तु रायगढ़ के लगभग सभी दफ्तरों के बड़े अधिकारी शुक्रवार को आधा समय दफ्तर में बिताकर सीधे बुधवार को ही दर्शन देते है। शुक्रवार की दोपहर से ही अधिकारी अपने घरों की ओर प्रस्थान कर देते है। शनिवार एवँ रविवार छुट्टी का भरपूर आनंन्द लेने के बाद सोमवार को भी गेप कर सीधे मंगलवार को होने वाली टी एल मीटिंग में शामिल होकर अपने आवास लौट जाते है एवं मात्र 2 दिन बुधवार एवं गुरुवार को दफ्तर में देखे जा सकते है। इस प्रकार से माह में महज 8-10 दिन ही कार्य करते है और सरकार से मोटी तनख्वाह झोंक लेते है। इन अधिकारियो के उपस्थिति रजिस्टर की गहन जांच की जानी चाहिए कि इनकी अनुपस्थिति में इनके हस्ताक्षर कौन करता है। यदि जिला दंडाधिकारी 1 माह ही सभी कार्यालयो का कार्यालयीन समय पर औचक निरीक्षण कर लेवे तो उन्हें भी मालूम चल जायेगा कि उनके अधीनस्थ अधिकारी कितने कर्तव्यनिष्ठ एवं अपने काम,जिम्मेवारी के प्रति कितनी ईमानदारी,लगन से कार्य करते है। अधिकारियो की गैरहाजिरी में दफ्तरों का सारा कार्य बड़े बाबू या फिर सहाब के विश्वासपात्र कर्मचारी ही संभालते है। जो सहाब के आने पर फाइलों में दस्तखत लेकर कार्यो को आगे बढ़ाते है। अधिकारी भी मोटी मोटी फाइलों में बगैर कुछ पढ़े दस्तखत करते चले जाते है।

ShareSendTweet
Previous Post

क्या कर रहे है पुसौर नगर पंचायत अधिकारी,अवैध निर्माण पूरा करवा ही दिया,कोर्ट की भी अवमानना हुई

Next Post

➡️ आदिवासी युवक की खुदकुशी मामले ने पकड़ा तूल➡️ 5 पार्षदों ने थाने में पेश किया शिकायत पत्र➡️ सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज करने की माँगघरघोड़ा। घरघोड़ा के वार्ड नंबर 11 निवासी एक आदिवासी युवक बीरबल पैकरा के खुदकुशी मामले ने अब काफी तूल पकड़ लिया है और नगर में सियासी उबाल देखने को मिल रहा है। आज इस मामले को लेकर नगर पंचायत के 5 पार्षदों ने सीएमओ प्रधान सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ घरघोडा थाने में शिकायत पत्र पेश कर इनके विरुद्ध मृतक को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज करने की माँग की है।विदित हो कि घरघोड़ा के वार्ड क्रमांक-11 गोटिया पारा निवासी 44 वर्षीय युवक बीरबल पैकरा ने कल तड़के अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके पीछे प्रधानमंत्री आवास का किस्त नहीं मिलने के कारण कर्ज से परेशान होकर मृतक द्वारा खुदकुशी किए जाना बताया जा रहा है। सीएमओ और अन्य अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वालों में वार्ड क्र.1 के पार्षद शिवनाथ राठिया, वार्ड क्र.- 11 के पार्षद सुरेंद्र कुमार चौधरी, वार्ड क्र.- 12 के पार्षद कनक पैकरा, वार्ड क्र.-14 के पार्षद दुलारो पैकरा और वार्ड क्र.- 15 के पार्षद भगवती राजन श्रीवास शामिल हैं।फिलहाल समाचार लिखे जाने तक सीएमओ पर अपराध कायम नहीं किया गया है, जिससे कंवर समाज के लोगों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित पूरे नगर में भारी आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले को दबाने के लिए भारी प्रशासनिक और राजनीतिक कवायद चल रही है। लेकिन यदि पीड़ित पक्ष को मनाने की कोशिश नाकामयाब रही तो यह मामला आगे और गंभीर बनकर प्रदेश स्तर में उठने की संभावना है, जो हालिया वक्त के चुनावी माहौल में प्रदेश की राजनीति को गरमाने वाला मुद्दा साबित हो सकता है।

CHANDRAKANT TILLU SHARMA

CHANDRAKANT TILLU SHARMA

●प्रधान संपादक● छत्तीसगढ़ स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा, रायगढ़ जिले का नंबर 1, रायगढ़ के दिल की धड़कन “✒️टूटी कलम 📱वेब पोर्टल न्यूज़” जिसका कारण आप लोगों का असीम प्रेम है। हम अपने सिद्धांतों पर चलते हैं क्योंकि “इतिहास टकराने वालों का लिखा जाता है। तलवे चाटने वालों का नहीं” इसलिए पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। “बहते हुए पानी में मुर्दे बहा करते हैं” जिंदा लोग बहाव के विपरीत तैरकर किनारे पर आ जाते हैं। पत्रकारिता करने के लिए शेर के जैसा जिगर होना चाहिए और मन में “सोचना क्या जो भी होगा देखा जाएगा” होना चाहिए। आवत ही हरसे नहीं, 👀नैनन नहीं सनेह टिल्लू तहां न जाईए चाहे कंचन बरस मेह ।

Related Posts

टूटी कलम विशेष

नेत्रदान कर समाज को दिया मानवता का प्रेरणादायी संदेश ™️ मरणोपरांत दूसरों की आंखों से दुनिया देख सकेगी कुसुम जैन ™️

4th August 2026
टूटी कलम विशेष

भाजपा शासन काल के भ्रष्टाचार में ™️ अटल जी को भी नहीं बख्शा गया ™️ कांस्य की प्रतिमा निकली,सीमेंट कॉन्क्रीट की ™️

1st August 2026
टूटी कलम विशेष

शिक्षा, सम्मान और संवेदना का संगम ™️ वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी की मौजूदगी में एनटीपीसी लारा का मेगा सीएसआर अभियान ™️

30th July 2026
टूटी कलम विशेष

समाज से जुड़ाव, सपनों को उड़ान ™️ एनटीपीसी लारा के कर्मचारी बने बच्चों के भविष्य के सारथी ™️

26th July 2026
टूटी कलम विशेष

रायगढ़ में विश्व IVF दिवस पर Apex अस्पताल का विशेष आयोजन: हजारों निःसंतान दंपत्तियों के जीवनमें खुशियां लाने का संकल्प

26th July 2026
टूटी कलम विशेष

24th July 2026
Next Post

➡️ आदिवासी युवक की खुदकुशी मामले ने पकड़ा तूल➡️ 5 पार्षदों ने थाने में पेश किया शिकायत पत्र➡️ सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज करने की माँगघरघोड़ा। घरघोड़ा के वार्ड नंबर 11 निवासी एक आदिवासी युवक बीरबल पैकरा के खुदकुशी मामले ने अब काफी तूल पकड़ लिया है और नगर में सियासी उबाल देखने को मिल रहा है। आज इस मामले को लेकर नगर पंचायत के 5 पार्षदों ने सीएमओ प्रधान सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ घरघोडा थाने में शिकायत पत्र पेश कर इनके विरुद्ध मृतक को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज करने की माँग की है।विदित हो कि घरघोड़ा के वार्ड क्रमांक-11 गोटिया पारा निवासी 44 वर्षीय युवक बीरबल पैकरा ने कल तड़के अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके पीछे प्रधानमंत्री आवास का किस्त नहीं मिलने के कारण कर्ज से परेशान होकर मृतक द्वारा खुदकुशी किए जाना बताया जा रहा है। सीएमओ और अन्य अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वालों में वार्ड क्र.1 के पार्षद शिवनाथ राठिया, वार्ड क्र.- 11 के पार्षद सुरेंद्र कुमार चौधरी, वार्ड क्र.- 12 के पार्षद कनक पैकरा, वार्ड क्र.-14 के पार्षद दुलारो पैकरा और वार्ड क्र.- 15 के पार्षद भगवती राजन श्रीवास शामिल हैं।फिलहाल समाचार लिखे जाने तक सीएमओ पर अपराध कायम नहीं किया गया है, जिससे कंवर समाज के लोगों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित पूरे नगर में भारी आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले को दबाने के लिए भारी प्रशासनिक और राजनीतिक कवायद चल रही है। लेकिन यदि पीड़ित पक्ष को मनाने की कोशिश नाकामयाब रही तो यह मामला आगे और गंभीर बनकर प्रदेश स्तर में उठने की संभावना है, जो हालिया वक्त के चुनावी माहौल में प्रदेश की राजनीति को गरमाने वाला मुद्दा साबित हो सकता है।

लाखो की ठगी के मामले को लेकर जड़ तक पहुंची,टूटी कलम की टीम,ग्रामीणों के शपथपत्र आदि उपलब्ध,मामला न्यायालय एवं पुलिस को सौपा जा सकता है।

मुख्यमंत्री का आदेश कचरे की पेटी में गया,खनिज विभाग ने आंखे बंद कर ली है,रेत का अवैध खेल बदस्तूर है जारी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Contact Us

टूटी कलम

About Us

सर्वाधिक लोकप्रिय व सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला न्यूज वेबसाईट है। पूरे देश विदेश सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश की सभी खबरों को प्राथमिकता के साथ प्रसारित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है।

No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • टूटी कलम विशेष
  • आध्यात्मिक
  • खेलकूद
  • विविध खबरें
  • व्यापार
  • सिनेमा जगत
  • हेल्थ
  • संपर्क

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In