रायगढ़—–प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आज नगरागम हुआ। तय समय से 2 घँटे विलम्ब से शुरू होने होने के कारण कार्यकम को हड़बड़ी एवं शार्टकट तरीके से निपटाया गया। आलम तो यह देखने को मिला कि ग्रामीण क्षेत्रों से बंटोरकर लाये गये ग्रामीणों को वापसी के लिए अच्छा खासा परेशान होना पड़ा। सभास्थल पर अंदर जाने एवं निकास के लिए 1 ही द्वार बनाया गया था।जहां आपाधापी देखने को मिली। बनाई गई दीर्घाओं तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। वी आई पी एवं मीडिया की दीर्घा में भी कांग्रेसियों ने अतिक्रमण किया हुआ था। बतलाया जा रहा है कि इस बार स्टेज का रुख भी बदल दिया गया था। जिससे अव्यवस्था देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल पर पानी के टैंकर चलित मूत्रालय की कमी महसूस की गई। कार्यक्रम के मध्य से ही जन समुदाय पलायन करने लगा था।
उम्मीद से काफी कम रही श्रोताओं, दर्शकों की उपस्थिति—-बतलाया जा रहा है कि जिले के कांग्रेस के 5 विधायक एवं जिला प्रशासन की भरपूर मेहनत के बाद भी उपस्थित जनसमुदाय की संख्या उम्मीद से काफी कम रही। बसों,पिकप,ट्रैक्टरों की व्यवस्था करने के बावजूद लोगो मे सभा मे आने का उत्साह नही दिखा।
घण्टो चरमराई रही यातायात व्यवस्था——मुख्यमंत्री के आगमन से लेकर सर्किट हाउस जाने तक शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा सी गई थी। सभी मार्ग बंद होने की वजह से मार्गो में घण्टो जाम लगा रहा। जाम में एम्बुलेंस,112,पुलिस के वाहन आदि फंसे रहे और लोग हलाकान होते रहे। यातायात विभाग द्वारा जारी मार्ग परिवर्तित के आदेश का किसी ने अमल नही किया। अति आवश्यक कार्यो पर जाने वाले एवं गम्भीर मरीजो को दिक्कतो का सामना करना पड़ा।
नही दिखी भोजन पानी की झलक—–बंटोरकर लाये गये ग्रामीणों को दिए जाते रहे। भोजन के पैकेट,पानी आदि की सुचारू व्यवस्था दृष्टिगोचर नही हुई।जानकार सूत्रों के अनुसार जनसमुदाय को पारले जी बिस्किट के छोटे पैकेट ही आधे अधूरे बांटे गये।
मुख्यमंत्री के आगमन पर गरीब व्यवसाईयो को झेलनी पड़ी मार——- मुख्यमंत्री के आगमन पर सुरक्षा की दृष्टि से सड़क किनारे दुकाने,ठेले आदि लगाकर रोज कमाने खाने गरीब व्यवसाईयों का व्यवसाय सुबह से हटवा दिया गया था। जिसे उचित नही कहा जा सकता क्यूंकि मुख्यमंत्री का आगमन लगभग 3 बजे हुआ एवं 5 बजे सभा समाप्त हुई। इस तरह से गरीबो का एक दिन का पूरा व्यवसाय प्रभावित हुआ।




