रायगढ़——- पूरे देश के टॉप मोस्ट ब्यूरोक्रेट्स में रायगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने अपनी कार्यकुशलता, समाजिकता का लोहा मनवाकर ख्याति अर्जित की है। मास्क वितरण,संवेदना,समर्पण कार्यक्रम का बखूबी से संचालन के अतिरिक्त बाढ़ पीड़ितों की मदद,लाकडाउन पर सफल टाईट पुलिसिंग,गुंडों मवालियों की परेड,शहीद पुलिस परिवारों को रक्षा बंधन,दीपावली,शहीद दिवस पर आर्थिक सहायता जरूरत के सामान उपलब्ध करवाना,किरोड़ीमल नगर ए टी एम हत्या एवं लूट के आरोपियों को 10 घँटे के भीतर धर दबोचना,ग्राम संबलपुरी में वर्षो पहले हुए दोहरे हत्याकांड पर से पर्दा उठाकर रसूखदार आरोपी अनूप साय को जेल भिजवाना,धरमजयगढ़ में अपरहत 12 वर्षीय बालक का सकुशल रेस्क्यू कर बरामद करना, सर्किट हाऊस के करीब ए टी एम उखाड़ने के आरोपियों को पकड़ना,सारंगढ के ग्राम छोटे खैरा के आक्रोशित ग्रामीणों से सुलह करवाना आई पी एल क्रिकेट सट्टे पर लगाम कसना, कबाड़ के धंधे बाजो पर गाज गिराना, अवैध शराब,गाँजा तस्करी रोकने में रिकार्ड कायम करना,सारंगढ राजमहल से चांदी की ट्रे चोरी,बंजारी मंदिर से दानपेटी से नगद राशि की चोरी का खुलासा आदि इतनी लंबी सूची है। जो पुलिस कप्तान संतोष सिंह के सफल कार्यो की सफलता की कहानी बयां करती है।
कार्प आफ द मन्थ की शुरुआत—-संतोष सिंह ने कार्प आफ द मन्थ के माध्यम से जिले के थाना/चौकी प्रभारियों में कुछ कर गुजरने के उत्साह का संचार किया। जिस वजह से सारे पुलिस अधिकारियों में बड़े अपराधो को पकड़ने और गुत्थी सुलझाने की होड़ सी लग गई। जिसका परिणाम सकारात्मक देखने को मिला और अपराधों का ग्राफ काफी हद तक गिरा है। पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस स्नेफर डॉग रूबी तक को कार्प आफ द मंथ का पुरस्कार दिया जाना न्याय बराबर किया जाना है।
मिला इंद्रधनुष पुरस्कार—पुलिस कप्तान के सफल मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस को किरोड़ीमल नगर ए टी एम लूट एवं हत्याकांड के आरोपियों को 10 घँटे के भीतर पकड़ने पर पुलिस महानिदेशक दुर्गेश माधव अवस्थी ने रायपुर में कार्यक्रम आयोजित कर इंद्रधनुष पुरस्कार से सम्मानित किया जाना। रायगढ़ पुलिस के लिए गर्व की बात है। डी जी पी ने बिलापुर रेंज के आई जी दीपांशु काबरा,रायगढ़ पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक सहित थाना प्रभारियों द्वय एस एन सिंह,युवराज तिवारी,अमित शुक्ला, विवेक पाटले आदि पुलिस अधिकारियों,आरक्षको को प्रमाणपत्र दिया गया। इंद्रधनुष पुरस्कार पुलिस विभाग सर्वोच्च को उत्कृष्ट कार्यो के लिए दिया जाता है।
5 लाख रुपये के स्मार्ट फोन बांटे गये—संवेदनशील पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कोरोनकाल में हो रही ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित छात्रा, छात्राओं को कलेक्टर भीम सिंह की योजना “पढ़ाई तुंहर द्वार” से प्रभावित होकर रायगढ़ पुलिस विभाग की तरफ से लगभग 60-70 विद्यार्थियों को 5 लाख रुपये की लगभग कीमत के स्मार्ट फोन वितरित कर पुलिस नही मित्र होने का संदेश दिया गया।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में भी नाम—- देश मे छाये कोरोना माहमारी से बचाव के लिए संतोष सिंह के निर्देशन में रायगढ़ जिले में राखी के त्योहार पर “रक्षा सूत्र एक मास्क” के तहत एक दिन में ही लगभग 14 लाख लोगों को मास्क वितरण करवा कर एक मिसाल कायम करवा दी। जिसकी गूंज विदेशों तक हुई और भरपूर सराहना मिली। जिसका असर यह हुआ कि “गोल्डन बुक” में रायगढ़ पुलिस का नाम अंकित हुआ साथ ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड, लिमका रिकार्ड में भी नाम दर्ज होना प्रोसेस में है।
पुलिस भी एक सामाजिक प्राणी है—– कप्तान के द्वारा समाज सेवा क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो से स्पष्ट होता है कि खाकी वर्दी के पीछे भी एक संवेदनशील इंसान छिपा होता है मगर जरूरतमंदों के लिए न कि अपराधियों के लिए। संतोष सिंह के कारण लोगो के दिलो दिमाग मे पुलिस के प्रति फैली गलत भ्रांतियां काफी हद तक कम हुई है। आज एक निरीक्षक भी जनमानस से मित्रवत व्यवहार कर अपने सामाजिक होने का संदेश दे रहा है।




