गत कल की तारीख भी छत्तीसगढ़ का काला इतिहास बन चुकी है। इतिहास के सफेद पन्नो पर काले अक्षरों में लिखा जायेगा कि प्रदेश सरकार,गुप्तचर एजेंसियां क्या कर रही थी ? नक्सलियों ने चैलेंज कर हमला किया था। U शेप में घेरकर पहले जवानों को अंदर आने दिया फिर तीन तरफ से हैंडग्रेनेड, राकेट लांचर दागे,LED बम ब्लास्ट कर दिया। 2 दिन से led बमो को डिसयूज किया जा रहा था। ड्रोन तक गिर गया था। जिससे नक्सलियों पर नजर रखी जा रही थी। जाने वाले तो चल दिये। अब आरोप-प्रत्यारोप, दिया,मोमबत्ती जलाने की राजनीति शुरू हो जायेगी। अपने आप को सही बतलाने के राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो जायेगी। बदला लिया जाएगा सरीखे थोथे भाषण पेले जायेंगे। गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। तिरंगा शरीर पर लपेटा जायेगा। फूलों के रिंग चढ़ाये जायेंगे। बिदाई कर 2 दिनों पश्चात भूला दिए जायेंगे। मरणोपरांत प्रशस्ति पत्र, मैडल कुछ आर्थिक सहायता प्रदान कर दी जायेगी। 23 में होने वाले चुनावों में भुनाने का प्रयास तेज कर दिए जायेंगे।





