टूटी कलम रायगढ़ विशेष लेख—– कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने पूरे देश की व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। W H O के अनुसार कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन भारत से निकला है। जिससे सभी देशों ने भारत को मदद देनी शुरू जरूर कर दी परन्तु कई पाबंदियां लगा दी। भारत से जाने वाली उड़ानों को लैंडिंग से इंकार कर,भारतीयों का प्रवेश निषेध भी कर दिया है। सभी देश अपने देश के नागरिकों को वापस बुला रहे है। यह माहमारी फिलहाल नही थमने वाली। अगर देश मे अंग्रेजो का शासन होता तो लोग अपने घरों में ही रहते,सोते वक्त भी मास्क लगाते,4 गज की दूरी बना कर रहते। वैक्सीनेशन का प्रथम चरण पूरा हो चुका होता। देश के संकटकाल में भी राजनीतिक दल एक दूसरे को नीचा दिखलाने में ही ऊर्जा खपा रहे है।प्रधानमंत्री पर मुख्यमंत्री जनता अंगुली उठा रही है तो मुख्यमंत्री पर भाजपाई अंगुली उठा रहे है। बंगाल,असम चुनाव रोड़ सेफ्टी वर्ल्ड क्रिकेट पर जिरह कर आरोप प्रत्यारोप लगाने का खेल चल रहा है। प्रधानमंत्री की समझ से बाहर हो गया कि इस कोरोना संक्रमण से कैसे देश की रक्षा की जाये। मुख्यमंत्री अपनी बाल क्लेक्टरों के पाले में डालकर बरी होने की चाल चल दिये।
1 मई से 18+ का वैक्सीनेशन कार्य शुरू करने के प्रचार प्रसार,व्यवस्था आदि के इंतजाम कर लिए गए थे परन्तु ऐन वक्त पर वैक्सीन की डोज न पहुंचने से राज्य सरकार की काफी किरकिरी हो गई। अब यह किरकिरी किस वजह से हुई । इसका कारण प्रबुद्धजन समझ सकते है ।







