टूटी कलम रायगढ़— जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के प्रभाव और इजाफा होते पॉजिटिव मरीजो की संख्या पर नियंत्रण लगाने के लिए कलेक्टर भीम सिंह भागीरथी प्रयास में चौबीसों घँटे पूरे मनोयोग से लग कर अपनी ऊर्जा और दिमाग खपा रहे है। कोविड सेंटरों के दूसरे माले पर भारी- भरकम आक्सीजन सिलिंडरों को पहुँचवाने में लिफ्टर की मदद लेना, आक्सीजन सप्लाई के लिए फ्लोमीटरों की देश के विभिन्न शहरों से व्यवस्था कर मंगवाने की दूरदर्शी सोच केवल आईएएस ब्रेन ही सोच सकते है। प्रतिदिन कोविड सेंटरों का निरीक्षण, मरीजो का हालचाल जानना,उनके लिए खाने पीने,बेड, दवाई,आदि की व्यवस्था पर ही पूरा ध्यान फोकस करना कलेक्टर भीम सिंह की दिनचर्या बन गई है। कभी धरमजयगढ़ तो कभी सारंगढ़,तो कभी खरसिया तो कभी लैलूंगा आदि का भी निरंतर दौरा कर व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेवारी का निर्वहन भीम सिंह बखूबी से निभा रहे है। काला बाजारियों,सोशल मीडिया पर लगाम कसना भी इनके कार्यो में शामिल हो चुका है। भ्रामक जानकारी एवं जन मानस में अफरा तफरीह मचाने वाले समाचारो पर पर भी जिला दंडाधिकारी अपनी पैनी निगाह रखे हुए है। ये कब सोते है? कब जाग जाते है ? कब काम पर लग जाते है ? इसे शायद ये स्वयं भी नही जानते। धन्य है जिलेवासी की इस संकट काल मे इन्हें भीम सिंह सरीखा संवेदनशील, कर्तव्यनिष्ठ, ऊर्जावान, कुशाग्र बुद्धि वाले कलेक्टर मिले।






