टूटी कलम रायगढ़—- आज दोपहर एयर इंडिया की फ्लाइट से 6 लाख 44 हजार 410 वैक्ससीन को डोज रायपुर पहुंची तो कुछ एक मीडिया वाले इस तरह से खुशियां मना रहे है मानो प्रदेश को कारू का खजाना मिल गया हो। प्लेन की फोटो,वैक्सीन के कार्टन की फोटो इस तरह से खींचकर शेयर कर रहे मानो पाकिस्तान के लाहौर में झंडा फहरा दिया गया हो।
छत्तीसगढ़ प्रदेश की आबादी लगभग पौने तीन करोड़ के लगभग होगी। ऐसे में प्रदेश सरकार की परेशानी पर बल पड़ना लाजिमी है कि वह अब किस वर्ग को खुश रखे किस वर्ग को नाराज करे। अंत्योदय कार्ड,बीपीएल कार्ड,एपीएल कार्ड,18+,45+ फ्रंट लाइन वर्कर,प्रथम डोज,द्वितीय डोज में किस तरह से बंटवारा करे कि कोई नाराज न हो सके।
इतनी कम मात्रा में आई वैक्सीन यदि पूरी ईमानदारी से लगाई जाए तो यह वैक्सीन एक दिन में ही समाप्त हो सकती है। मगर अब वैक्सीन भी चुन चुन कर माथा देखकर तिलक के समान लगाई जायेगी।
इस मुसीबत से छुटकारा पाने का बहुत आसान तरीका है कि सभी राशन कार्डों पर राशन तभी दिया जाना चाहिए। जब पूरे परिवार के वैक्सीनेशन होने की सील लगी होगी। इसी तरह ट्रेनों की टिकट,बसों की टिकट,वायुयान की टिकटों को भी वैक्सीनेटेड का प्रमाणपत्र दिखलाने पर ही बुकिंग की जानी चाहिए। धर्मशालाओ,होटलो,लाजो के कमरे भी वैक्सीनेटेड होने पर ही दीये जाने चाहिए। मतदान में भी मतदाता परिचिय पत्र के साथ वैक्सीन लगवाने का प्रमाणपत्र दिखलाना जरूरी कर दिया जाना चाहिए। जिससे राजनीति दलों में भी अपने अपने कार्यकर्ताओं को वैक्सीन लगवाने का कार्य सौप देना चाहिए। एक ही पालिसी नो वैक्सीन नो योजनाओ का लाभ।






