@टिल्लू शर्मा◾टूटी कलम◾ डॉट कॉम#……. रायगढ पुलिस रायपुर पुलिस की तर्ज पर कार्य कर सुर्खियों में आने के लिए हाँथ पैर चला रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ सायबर सेल खाली बैठे बैठे कुछ काम कर अपनी पीठ थापथपवाने के जुगाड़ में शौकिया तौर पर ऑन लाईन खिलौने रूपी असलहे मंगवाने वालो की जन्मकुंडली खंगालने में अपनी ऊर्जा क्षय कर रही है। फिलहाल अभी तक जिले में ऐसी कोई वारदात नही हुई कि जिसमे ऑन लाईन मंगाए गए समानों का उपयोग होने का मामला भी सामने आया हो।लेकिन पुलिस द्वारा इस तरह की प्रदर्शनी लगाकर मीडिया के मार्फत ऑन लाईन समान मंगवाने की प्रेरणा जरूर दे रही है। देखा जाए तो शहर में असली एवं अवैध हथियारों के सौदागरों की कमी शायद नही होगी। अब तक तो रायगढ़ जिले को एकमात्र सबसे शांत एवँ सुरक्षित जिला माना जाता है।भविष्य में यदि संवेदनशील बन जाये तो अलग बात है। टूटी कलम
क्या शहर में नही बिक रहे है ऑन लाईन वाले सम्मान… फ्लिपकार्ट, स्नैपडील,अमेजन, आदि से मंगवाए जा रहे डिजाइनर चाकू,गुप्ती,कत्ता क्या शहर के बर्तन दुकानों में नही बिकते रहे है या फिर बंदूक दुकान से एयरगन नही बिक रही है। शहर में तलवार,फरसे,भाले से लेकर ब्लेड पत्ती, पंच,नेलकटर तक उपलब्ध है। मगर जांच केवल ऑन लाईन खरीदी करने वालो पर ही कि जा रही है आखिर क्यूँ। साप्ताहिक इतवारी बाजार में हर सप्ताह,कुल्हाड़ी,कत्ता, हंसिया बेचने लुहार लोग आते है और खुलेआम बिक्री करते है। शहर से सटे गावो के लुहार देशी तमंचा, फरसा,तलवार आदि तक बनाकर दे देते है । अगर पुलिस को ऑन लाईन खरीदी से तकलीफ होती है तो ऑन लाईन कम्पनियों पर कार्यवाही करे। सस्ते एवम बदली होने के लालच में इंसान तो उस ओर आकर्षित होगा ही।टूटी कलम
पुलिस ने आनन फानन अपने चुनिंदा चहेतों को बुलाकर प्रेस वार्ता कर डाली। जिससे प्रिंट मीडिया को दूर रखा गया। जो घोर आश्चर्य का विषय है चूंकि प्रिंट मीडिया को बुलाये बगैर प्रेस वार्ता सफल नही नही मानी जा सकती। एक अखबार को कई लोग पढ़ते है एवं छपे समाचारो को दिनांक,माह,साल के हिसाब से रिकार्ड निकालकर पुनः जानकारी हासिल की जा सकती है। प्रकाशित समाचार एक आंखों से कई कानो तक पहुंच जाते है। टूटी कलम







