टूटी कलम रायगढ़ जिले का ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित न्यूज वेब पोर्टल है. जिसके समाचारों का इंतजार प्रत्येक बुद्धिजीवी पाठक करते है. पत्रकारिता करना हमारा शौक है,जुनून है, दिनचर्या है, पागलपन है,कमजोरी है, लगन है, धुन है, ना कि पेट भरने का साधन है और ना ही धमकी चमकी देकर,वसूली,उगाही करने का लाइसेंस मिला हुआ है और ना ही किसी की चरण वंदना करना हमारा कर्तव्य है, संपादक टिल्लू शर्मा को निडर, निष्पक्ष, निर्भीक,बेबाक,बेखौफ दमदार,कलमकार, व्यंग्यकार, लेखक, विश्लेषक, कवि, कलम के मास्टरमाइंड, के रूप में पहचाना जाता है.जिनको परशुराम पुत्र, रावण भक्त, माता सरस्वती उपासक,चाणक्य,कबीर से प्रेरित कहलाना पसंद है.जलो मत बराबरी करो, जहां से लोगों की सोच खत्म होती है हमारी सोच वहां से शुरू होती है विज्ञापन का सहयोग भी लिया जाएगा, और मामला गंभीर होने पर समाचार भी लिखा जाएगा. शेर के पांव में कांटा चुभ जाने से कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते सत्यमेव जयते, सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं हमारा अगला लक्ष्य टूटी कलम (डिजिटल) होगा
टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹..14 अप्रैल को वेदांता पावर प्लांट में बायलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा हो जाने से दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था. इसी दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और विस्फोट हो गया. हादसे में घायल मजदूरों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में 40-50 लोगों के प्रभावित हो जाने की खबर है। इलाज के दौरान अब तक 25 लोगों ने जानें जा चुकी है। मृतकों एवं घायलों के परिजनों को मुआवजा राशि का वितरण किया जा रहा, घायलों के पूरे इलाज का वहन कंपनी प्रबंधन के द्वारा किया जा रहा है. इस घटना की खबर पूरे देश में आज की तरह फैल गई थी. मीडिया वाले टीआरपी बढ़ाने के लिए घटनाक्रम को तोड़ मोड कर पेश कर रहे थे. तथाकथित पर्यावरण प्रेमियों समाजसेवियो,विपक्ष के लोग घायल मजदूरों के परिवार वालों को भड़काकर वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल के ऊपर प्राथमिक की दर्ज करवाने के लिए पूरी ऊर्जा खपा रहे थे। काफी दबाव एवं ऊपर से हरी झंडी मिलने के बाद वेदांता ग्रुप के मालिक अनिल अग्रवाल पर फिर दर्ज कर ली गई। अब सवाल यह उठता है कि क्या विदेश में रहने वाले अनिल अग्रवाल रायगढ़ न्यायालय में एक पर हाजिर होंगे। यह देखा गया है कि छोटे से छोटे मामले में भी कर्मचारियो, ड्राइवरो को आरोपी बनाकर मामला दर्ज कर लिया जाता है। मालिकों के ऊपर अपराध पंजीबद्ध नहीं होता है। अगर भविष्य में एक दो और मामले में मालिकों के ऊपर प्राथमिकी दर्ज हो जाएगी तो रायगढ़ से उद्योगपति पलायन करने लग जाएंगे।
इनके ऊपर मामले दर्ज क्यों नहीं होते.. हवाई, जहाज, रेल, बस, भारी वाहनों आदि की दुर्घटनाओं में क्या उड्डयन विभाग,रेल मंत्रालय, परिवहन विभाग बस मालिक ट्रेलर मलिक किसी पर भी अपराध दर्ज होता है क्या ? सेना में पुलिस में भर्ती होने वालों को मालूम रहता है कि उनकी जान कभी भी जा सकती है इसके बावजूद के देश की सेवा करते हैं, तो क्या उनके मारे जाने पर सैन्य विभाग पुलिस विभाग को तुलसी माना जाना चाहिए। रायगढ़ पुलिस ने वेदांता कंपनी के मालिक अनिल अग्रवाल एवं वेदांत के अधिकारियों पर मामला दर्ज करके एक नई शुरुआत कर दी है जिसका परिणाम आने वाले समय में बुरा होने वाला है। उद्योगों में प्रसिद्ध इन हद से होते रहते हैं इसका मतलब यह हुआ कि भविष्य में किसी भी उद्योग में कोई श्रमिक मारा जाता है तो उस उद्योग के मालिक के ऊपर एफ आई आर लॉन्च हो सकती है. मीडिया वाले लिफाफा मिलने की आस में तिल का ताड़ बनाकर घटनाक्रम पेश कर देते हैं और लिफाफा मिलते ही चुप्पी साध लेते है। उद्योगों में होने वाली घटनाओं की जिम्मेदारी औद्योगिक सुरक्षा विभाग, श्रम विभाग, पर्यावरण विभाग, जिला प्रशासन की होती है। इसलिए घटनाओं का जिम्मेवार इन विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों को माना जाना चाहिए और उनके ऊपर मामला दर्ज होना चाहिए। यह भी देखा गया है की जल,जंगल, जमीन, प्रदूषण, फ्लाई ऐश, भूमि अधिग्रहण, उद्योगों का विस्तार, नए उद्योग की स्थापना को लेकर स्थानीय लोग जितने मुखर नहीं होते हैं उनसे ज्यादा मुखर 10– 12 साल के भीतर दिगर प्रांतो से रोजी-रोटी कमाने आए लोग होते है क्योंकि उन्हें पहचानने वाला कोई नहीं होता है इसलिए वह बड़ी बेशर्मी से इन सब का विरोध करते हैं। इस तरह के लोग 10– 15 साल में ही अवैध तरीके से कमाई कर कार मोटरसाइकिल, मकान विलासिता के सब साधन कैसे जुटा लिए हैं। क्या धमकी, चमकी, देकर वसूली करना अपराध की श्रेणी में नहीं आता है।
जिसकी 1 इंच जमीन भी नहीं होती है जनसुनवाई विस्तार का वह सबसे बड़ा विरोधी और ग्रामीण हितैषी होता है। जिसने जीवन में कभी एक पौधा भी नहीं लगाया उसे पर्यावरण की चिंता है। इसके आसपास गंदगी बिखरी पड़ी है उसे फ्लाई ऐश की चिंता सता रही है। जो कभी बहते हुए नल की टोटी बंद नहीं करता उसे जल से बहुत प्रेम होता है। जो सभी उद्योगों से माहवारी वसूल करता है वह मजदूर संगठन का सर्वे सर्वा होता है। उसे मजदूरों के हितों से कोई मतलब नहीं होता।
मुझे याद नहीं है कि विदेश में रहने वाले उद्योगपति वेदांता ग्रुप के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल कवि रायगढ़ भी आए होंगे। कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार, सुपरवाइजर कभी नहीं चाहेंगे कि किसी भी तरह का हादसा हो और जनमानस की हानि हो।




