टूटी कलम रायगढ़ जिले का ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित न्यूज वेब पोर्टल है. जिसके समाचारों का इंतजार प्रत्येक बुद्धिजीवी पाठक करते है. पत्रकारिता करना हमारा शौक है,जुनून है, दिनचर्या है, पागलपन है,कमजोरी है, लगन है, धुन है, ना कि पेट भरने का साधन है और ना ही धमकी चमकी देकर,वसूली,उगाही करने का लाइसेंस मिला हुआ है और ना ही किसी की चरण वंदना करना हमारा कर्तव्य है, संपादक टिल्लू शर्मा को निडर, निष्पक्ष, निर्भीक,बेबाक,बेखौफ दमदार,कलमकार, व्यंग्यकार, लेखक, विश्लेषक, कवि, कलम के मास्टरमाइंड, के रूप में पहचाना जाता है.जिनको परशुराम पुत्र, रावण भक्त, माता सरस्वती उपासक,चाणक्य,कबीर से प्रेरित कहलाना पसंद है.जलो मत बराबरी करो, जहां से लोगों की सोच खत्म होती है हमारी सोच वहां से शुरू होती है विज्ञापन का सहयोग भी लिया जाएगा, और मामला गंभीर होने पर समाचार भी लिखा जाएगा. शेर के पांव में कांटा चुभ जाने से कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते सत्यमेव जयते, सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं हमारा अगला लक्ष्य टूटी कलम (डिजिटल) होगा
🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़, 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹.. 2 मई का दिन रायगढ़ जिले की मीडिया के लिए ऐतिहासिक दिन बन गया है चूंकि दैनिक केलो प्रवाह अखबार के संस्थापक उदय राम जी थवाईत के 87वें अवतरण दिवस पर आजादी के बाद रायगढ़ को स्वयं के प्रेस भवन निर्माण करने की सौगात रायगढ़ के लोकप्रिय लाडले विधायक प्रदेश के वित्त मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने दी है।—मीडिया के कठिन परिस्थितियों के दौर में जब शहर एवं जिले की आबादी बहुत कम थी, परिवहन के सीमित साधन थे, संचार क्रांति विकसित नहीं थी, कलम से समाचार लिखे जाते थे, हाथों से कंपोजिंग, प्रूफ्र राइडिंग, छपाई की जाती थी. शाम से अगली सुबह तक अखबार की छपाई होती थी और फिर बंडल बांधकर जीप,बस,ट्रेन,बाइक,स्कूटर,साइकिल के माध्यम जशपुर से सारंगढ़ तक अल सुबह ही अखबारों को गंतव्य स्थानो पर पहुंचा दिया जाता था ताकि पाठक ताजा तरीन समाचारों को पढ़ सके। छरहरे शरीर के,लंबे कद के उदयराम थवाइत जी की सदा से सफेद शर्ट सफेद पेंट सफेद चप्पल रही है। इनके परम मित्रों में आनंदी सहाय शुक्ला, भीमसेन भारद्वाज भग्गू भाई गांधी, वासुदेव मोदी, संतोष राय, सतपाल सोनी, सतनारायण अग्रवाल, दया किशन अग्रवाल, आदि रहे हैं। थवाईत जी को पूरे शहर में पैदल घूमना ही ज्यादा पसंद हा है। वाहनों में घूमते हुए उनको शायद ही किसी ने देखा होगा। उनकी बैठकी शांति निवास एवं कृष्णा सॉ मिल, ठाकुर जगतपाल पृथ्वीपाल सिंह के यहां हुआ करती थी। प्रदेश के कद्दावर कांग्रेसी नेताओं अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा, विद्या चरण शुक्ल, परसराम भारद्वाज, पुष्पा देवी सिंह, कमला सिंह,परिवेश शुक्ल, चनेसराम राठिया, आदि से उनके आत्मीय संबंध रहे हैं।……. सन 1988 में शुरुआत में केलो प्रवाह अखबार 1/4 के साइज में साप्ताहिक प्रकाशित होता था। उस दौर में शाम होने के बाद रामलीला मैदान के भीतर जाने में भी लोग डरते थे। कार्यालय में लकड़ी की हिलती डुलती टेबल और कुर्सियां होती थी। जिस पर बैठकर सब काम निपटाए जाते थे। सीढ़ियों में पान की पीक बुद्धिजीवियों की निशानी हुआ करती थी।…………………………………..केलो प्रवाह अखबार का संपादक उदय राम जी के पुत्र हेमंत राजू के बन जाने के बाद राजू जी त्याग, तपस्या, लगन और मेहनत की वजह से अखबार धीरे-धीरे रायगढ़ जिले से लेकर छत्तीसगढ़ स्तर पर जाना पहचाना जाने लगा। राजू शाम के 6:00 बजे से अगले दिन सुबह 8:00 बजे तक प्रेस कार्यालय में रहकर समाचारों की कटिंग, सेटिंग, वितरण व्यवस्था करवाने के बाद घर जाकर आराम करता था।केलो प्रवाह अखबार सन 1988 में दैनिक रूप में प्रकाशित होने लगा…………………… उदयराम थवाइत जी एवं राजू ने कभी भी प्रेस क्लब के पदाधिकारी बनाने की मंशा नहीं पाली थी. मगर समय की जरूरत एवं पत्रकारों को अपने हित,अधिकार,सुरक्षा की खातिर राजू को सर्वसम्मति से अध्यक्ष बना दिया।केलो प्रवाह अखबार ने जिले को अनेक पत्रकार दिए हैं। केलो प्रवाह को पत्रकारों की पाठशाला कहना ज्यादा उपयुक्त होगा। आज केलो प्रवाह डिजिटल के रूप में सर्वाधिक लोकप्रिय हो चुका है। आम जनता अधिकारी उद्योगपति सभी किलो प्रवाह डिजिटल से जुड़ने के लिए उत्सुक रहते हैं।केलो प्रवाह के वेब समाचारों पर से लोगों की निगाह नहीं हटती है।राजू के अध्यक्ष बनने के बाद प्रेस क्लब भवन की मांग जोर पकड़ने लगी। जब यह बात रायगढ़ के विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के संज्ञान में आई तो उन्होंने प्रेस क्लब भवन के लिए जमीन तलाश में का आदेश तत्कालीन कलेक्टर को दे दिया था एवं भवन निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की थी। जमीन आवंटन में काफी पेंचीदगियां थी। जिनको दूर करने में 2 साल अवश्य लगे किंतु प्रेस क्लब भवन के भूमि पूजन की घड़ी उदयराम थवाइत जी के 87वें जन्मदिन के दिन आई।…. प्रेस क्लब का सर्व सुविधायुक्त भवन बन जाने के बाद पत्रकारों को प्रेस वार्ता,प्रेस चुनाव,बैठक, होली मिलन, दीपावली मिलन समारोह के लिए जगह हेतु गिड़गिड़ाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पत्रकारों को छोटे छोटे पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए प्रेस क्लब भवन काफी मददगार साबित होगा।




