


✒️ टिल्लू शर्मा टूटी कलम रायगढ़ …सारंगढ ब्लाक के गांव गुडेली में वायु में पर्यावरण प्रदुषण आम बात हो गई है। हर कोई यहां खुलेआम प्रदूषण फैला रहा है ।क्रेशर के संचालन में वायु प्रदुषण से हवा में जहर घुलने लगा है ।लेकिन इन्हें किसका संरक्षण प्राप्त है यह एक बड़ा सवाल है ।जबकि गुडेली में जिले का पर्यावरण विभाग लगातार मोनेटरिंग कर रहा है ।बावजूद प्रदूषण फैला रहे क्रेशरो पर कार्रवाई एक भी नही हुई है ।सिंघल क्रेशर गुडेली सिंघल क्रेशर पर पर्यावरण विभाग क्यो है मेहरबान..उपहार में दे रहे प्रदूषण फैलाने अवसर टूटी कलम
हमारे संवाददाता ने कारण जानने जब गुडेली,टीमरलगा आदि क्षेत्रों का भ्रमण किया तो यह बात सामने आई कि क्रेशर यूनियन वालो के द्वारा पंच, सरपंच, सचिवों,जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों ,मीडिया को मुंह बंद रखने की एवज में माहवारी चढ़ावा देते है सांथ ही ग्रामीणों के ट्रेक्टर,जेसीबी,हाइवा,आदि वाहन,घर,मकान किराये ले लेते है एवं ग्रामीण युवकों को क्रेशरों में रोजगार देकर मुखर होने वाले विरोध के स्वर खरीद लिए जाते है। टूटी कलम
गुडेली में संचालित क्रेशर संचालक के द्वारा क्षेत्र में खुलेआम प्रदूषण फैलाया जा रहा है जिसपर मेहरबान पर्यवारण विभाग मुख दर्शक बना हुआ है ।आलम यह है कि क्रेशर से निकलने वाली धूल के गुब्बार आबो हवा में घुल कर स्थानीय लोगो को जहर परोस रहा है ।एक्सपर्ट की माने तो क्रेशर से उड़ने वाली धूल दमा और सांस लेने से सम्बंधित गंभीर बीमारियों को न्योता दे रही है ।जिससे ग्रसित लोगो को भविष्य में जान से हाथ भी गंवाना पड़ सकता है ।सिंघल क्रेशर गुडेलीएनजीटी के पर्यावरणीय नियमो की उड़ाई जा रही है धज्जियां..सिंघल क्रेशर में एनजीटी (national green triubnal ) के पर्यावरणीय नियमो की धज्जियां उड़ाई जा रही है ।यहां निर्देशित नियम के अनुसार क्रेशर के चारो तरफ बाउंड्रीवाल ,नियमित पानी का छिड़काव एव अन्य नियमो को ताक में रख कर क्रेशर का संचालन किया जा रहा है ।बावजूद इसके विभाग की ओर से कोई ध्यान नही दिया जा रहा है ।और न ही कोई ठोस कार्रवाई करने की जहमत उठाई जा रही है । इस संबंध में एसडीएम नन्दकुमार चौबे ने कहा कि इसकी जानकारी रायगढ पर्यावरण विभाग को प्रेषित की जाएगी ।जिनके माध्यम से आगे की कार्रवाई की जा सकेगी । टूटी कलम






