🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज़ रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹 ……. मंगल कार्बन प्लांट बानीपाथर में दिनांक 5 फरवरी को हुई दुर्घटना में सात में से तीन मजदूरों और एक छोटी बच्ची की मौत हो चुकी है। एक ही परिवार से तीन पीढ़ियां एक ही हादसे में दम तोड़ देंने पर गांव का माहौल और परिजनों की क्या हालत होगी। साहेबराम खड़िया, शिव खड़िया और भूमि खड़िया एक ही परिवार के थे। उनके पड़ोस में रहने वाला मृतक इंदीवर महज 19 वर्ष का था। अब पुलिस ने इस मामले में प्लांट मालिक अविनाश गर्ग के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है। उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 106 (1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह धारा लापरवाही से किसी की मृत्यु होने से संबंधित है। इसके तहत 5 वर्ष तक की कैद और जुर्माने की सजा दोनों हो सकती है। जिसके लिए पुलिस को चार्जशीट गरीबों को न्याय दिलाने के लिए पूरे प्रमाण सहित न्यायालय में पेश करनी चाहिए। पहलेआईपीसी की धारा 304 (ए ) होती थी अब धारा को बीएनएस मैं शामिल कर दिया गया है। प्लांट के दो मैनेजर पर कार्रवाई की जा चुकी है। मामले में तीन आरोपी हैं। जबकि दो अन्य पर कार्रवाई निकट भविष्य में हो सकती है।मंगल कार्बन फैक्ट्री की जमीन महेश गर्ग के नाम पर है, लाइसेंस अविनाश गर्ग के नाम पर है जबकि संचालन दूसरे शख्स करते हैं।
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने लिया संज्ञान.… प्लांट में हुए हादसे के दौरान हुई मौतों के समाचारों से पुलिस उप महानिरीक्षक, रायगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने संज्ञान लेते हुए। कारखाना के मालिक अविनाश गर्ग के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। बताया जा रहा है कि खरसिया पुलिस मामले को दबाने के लिए लिपापोती कर सकती थी मगर पुलिस अधीक्षक के कड़े रूप की वजह से पुलिस को मामला दर्ज करना पड़ा। जिससे आम जनता के बीच यह संदेश गया कि रायगढ़ पुलिस किसी के भी दबाव में झुक कर काम नहीं करने वाली है। रायगढ़ पुलिस का काम है अपराध को अपराध को समाप्त करना और अपराधियों को मुख्य धारा में लौटने के लिए प्रेरित करना। गरीब एवं कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय दिलाना। जिसके लिए रायगढ़ पुलिस के द्वारा अनेक ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। यदि शशि मोहन सिंह रायगढ़ जिले में 2 साल की रह जाएंगे तो पूरे जिले में अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लग सकेगा और पुलिस एवं जनता के बीच सामंजस्य स्थापित हो सकेगा। आम जनता पुलिस के पास जाकर अपने लिए मांगने में पीछे नहीं रह पाएगी। शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि यदि पुलिस के द्वारा किसी पीड़ित के साथ न्याय नहीं किया जाएगा तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगल प्लांट के मलिक अविनाश गर्ग के द्वारा हादसे का शिकार बने परिवार की वृद्ध महिला को धमकी चमकी देकर पुलिस में अपना बयान बदलने अन्यथा गंभीर रूप से झुलसे श्रमिकों का उच्च स्तरीय इलाज करवाने से रोके जाने की भी धमकी दी गई थी। इस वजह से अविनाश गर्ग पर बीएनएस की और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती है। पुलिस इतना ठोस चालान पेश करें कि प्लांट मालिक को उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत लेना भी मुश्किल हो जाए.




