✒️टिल्लू शर्मा टूटी कलम रायगढ़… इन दिनों पूरे प्रदेश में अर्धशिक्षित,अशिक्षित, अल्प ज्ञानी, महामूर्ख, घर के सबसे निकम्मे समझे जाने वाले, अनपढ़,गंवारों को अपने आपको पत्रकार कहलाने का सुलभ साधन उपलब्ध है।जो वेब पोर्टल के रूप में अपने नाम से मात्र 6,7हजार में बनवाकर, 450 ₹ का माईक खरीदकर दुकानदारी चलाने का चलन शुरू हो गया है। इस तरह के लोग घूम घूम कर धमकी देकर वसूली करने में अपनी शान समझते है। टूटी कलम
पामगढ़ एसडीएम के नाम पर उगाही करने चांपा निवासी एक आरोपी विनय अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

अक्सर आपने सुना होगा कि जब पैसों का लालच बढ़ जाता है तो इंसान गलत कदम उठाने लग जाता है,बस यही हाल है चाम्पा के पत्रकार विनय अग्रवाल और उसके 2 साथी का,जो पैसों के लालच में कुछ भी कर जाते है,लेकिन कहते है न कि लालच बुरी बला है और यह ज्यादा दिनों तक नही चलता है, क्योंकि कही न कही पर पाप का घड़ा जरूर फूटता है,दरसल हम कुछ वसूली करने वाले पत्रकार की बात कर रहे है जो खुद तो बदनाम हो रहे है लेकिन पत्रकारिता को भी बदनाम कर रहे है,जी हां ऐसी एक घटना हुई है,जिसमे अगर अपराध कायम नही होता तो शायद यह घटना भी दबी की दबी रह जाती,दरसल पामगढ़ थाना क्षेत्र के गांव पंचायत रसोटा निवासी मेडिकल स्टोर संचालक बलिराम यादव व ट्रैक्टर चालक नंद कुमार पाटले ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया की कार सवार तीन युवक ने पामगढ़ SDM के नाम का सहारा लेकर उनसे 9 हजार रुपये ले लिया । 13 मार्च की रात 8 बजे कार में सवार तीन युवक बलिराम की पत्नी अनुपा देवी से एसडीएम के नाम को लेकर दास हजार रुपये की मांग की रुपए नहीं देने पर 1 साल की सजा और मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की धमकी भी दे डाली. एसडीएम के आने की बात सुनकर बलीराम डर गया और कम पैसे लेने की बात कही जिस पर बाद में 3000 रुपये घर से निकाल कर दे दिए पैसा मिलने के बाद तीनों युवक कार में सवार होकर नंदकुमार पाटले के घर पहुंचे। जिसके पास एसडीएम का रौब दिखाकर 6 हजार रुपये की वसूली की गई । इसी बीच पता चला कि गांव में कोई अधिकारी आया ही नहीं फिर दोनों ने पामगढ़ थाना में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई जिन्होंने कार का नंबर नोट कर लिया था दूसरे दिन पामगढ़ पुलिस ने 384,34 के तहत जुर्म दर्ज किया इसके बाद इस मामले से जुड़े एक आरोपी चांपा निवासी विनय अग्रवाल को गिरफ्तार कर उसको जेल भेज दिया।जबकि 2 आरोपी फरार है,हम आपको यह भी बताना चाहते है कि विनय अग्रवाल पेशे से पत्रकारिता करता है जो एक वेब पोर्टल चलाता है,और इसके पहले भी वो वसूली कर चुका है,लेकिन हर बार बच कर निकल जाता था,लेकिन इस बार विनय की एक नही चली और आखिरकार गिरफ्तार हो गया। इस मामले में शिवरीनारायण के एक छुटभैये भाजपा नेता ने भी अपनी एप्रोच लगाने की भरपूर कोशिश की,लेकिन उसकी भी एप्रोच काम नही आई। टूटी कलम






