✒️ टिल्लू शर्मा टूटी कलम रायगढ़…जिस दिन “उमेश अग्रवाल” की जिला भाजपा अध्यक्ष पद पर ताजपोशी हुई। उसी रोज से अपने आप को ऊंचे पद मिलने की आस रखने वालों उमेश समर्थकों में धीरे धीरे असंतोष पनपने लगा क्योंकि उमेश अग्रवाल को किसी को तवज्जो न देकर मौका परस्तो के रूप में दुश्मन बना लिए। जो लोग उमेश की रग रग से वाकिफ थे। वही लोग अब उमेश को बदनाम,चरित्रहीन साबित करने में आगे आगे चल रहे है एवँ उमेश से असंतुष्ट गुट का प्रतिनिधित्व कर रहे है। टूटी कलम
उमेश ने ज्ञानेश्वर से त्यागपत्र दिलवाकर मानो आग में घी डालकर हवा का रुख पलट दिया….उमेश के खासमखास समझे जाने वाले रायगढ़ भाजपा मंडल के नगर अध्यक्ष “ज्ञानेश्वर सिंह गौतम” (ज्ञानू) ने एकाएक त्यागपत्र देकर प्रदेश में भाजपा की राजनीति में भूचाल ला दिया। अपने ऊपर हो रहे दुर्व्यवहार की बात को महिला नेत्रियों के द्वारा प्रदेश अध्यक्ष के आगे रखी थी। जिसके कारण उन्हें राजधानी बुलाया गया। जो तीन दिनों से वही डटी हुई हैं होने के समाचार है। संभवतः महिला नेत्रियों के पास “उमेश अग्रवाल एवं ज्ञानेश्वर” के खिलाफ कोई ऐसा सबूत नही है। जिसके कारण इन दोनों को “लंगोट का कच्चा” समझा जा सके। उमेश अग्रवाल ने चैलेंज स्वीकारते हुए बकायदा ताल ठोकते हुए बयान दिया कि यदि किसी के पास उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत है तो उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट क्यो नही दर्ज करवा दी जाती। कौव्वों के कोसने से जानवर नही मरा करते। टूटी कलम
कही पीड़ा उमेश को मिलने वाली विधायक टिकट को लेकर नही है कहीं…कई वर्षों से उमेश की जी हुजूरी करने वालो को उगाही के लिए पर्याप्त, मनमाफिक स्थान न मिलने से भाजपा कार्यालय के निज कक्ष की बाहर आना बहुत बड़े षड्यंत्र की साजिश करोड़पति जिलाध्यक्ष के प्रति नाराजगी का घोतक है. वार्ड पार्षद की टिकट न पाने वाले लोग “उमेश” पर आरोप लगा रहे है। कइयों को शायद इस बात की पीड़ा होने लगी है कि उमेश शायद रायगढ़ के अगले विधायक न बन जाये क्योंकि राजनीति के चाणक्यो एवँ भाग्य रेखा बतलाने वालो का मानना है कि उमेश की हांथो की लकीरों में राजयोग करना लिखा है। वैसे हम इन दकियानूसी विचार धाराओं पर यकीन नही करते परंतु इतना अवश्य मान रहे है कि रायगढ़ के मतदाता किसी भी विधायक के प्रत्याशी को लगातार दो बार जितने का अवसर पिछले 20 वर्षों से नही दे रहे है। टूटी कलम
साम,दाम,दंड,भेद की राजनीति करने में उमेश स्वयं सक्षम है। मां “जगदम्बा” के आशीर्वाद से उमेश पर लक्ष्मी बरसती है। बाहुबल लक्ष्मी की कृपा से स्वयं पास आ जाते है।बचपन से राजनीति में रुचि रखने वाले उमेश किसी के भी द्वारा रचे जा रहे चक्रव्यूह में नही फंस सकते। उमेश का मानना है कि “” “सत्य परेशान जरूर हो सकता है परंतु पराजित कभी नही हो सकता”” ,टूटी कलम
नशा मुक्ति अभियान को मिली थी जबरदस्त सफलता भाजपा जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने नशा का विरोध करने के खातिर अपनी ही पार्टी का ध्यानाकर्षण करवाने “नशा मुक्ति अभियान” का शंखनाद किया था। जिस वजह से उनके इस अभियान में हजारों लोग स्वतः जुड़ गए थे।उनके द्वारा किये गए शंखनाद का असर पूरे प्रदेश में अब भी देखने को मिल रहा है।आज भी शराबबंदी को लेकर प्रदेश में कौतूहलता का माहौल गर्म है।पिछले चुनाव में कांग्रेस ने भी शराबबंदी की बात कहकर महिलाओं के एकतरफा वोट बंटोरकर सत्ता पर काबिज हुई थी। उमेश अग्रवाल के इस अभियान के चलते उनके पास समर्थकों की भी कोई कमी नही है। टूटी कलम
गुटों में बटी भाजपा में उमेश गुट शक्तिशाली है…भाजपा इन दिनों कई गुटो में बटी दिखलाई पड़ रही है परन्तु उमेश गुट सर्वाधिक शक्तिशाली गुट माना जाता है क्योंकि हो सकता है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में विधायक पद के प्रत्याशी घोषित हो जाये। इस लिए “जल में रहकर मगरमच्छ से बैर पालना” किसी भी रूप में उचित नही है। टूटी कलम



